श्रवण मरण प्रसंग देख भावुक हुए श्रद्धालु
दौराला। कस्बे में रंग मंच कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला मंचन में कलाकारों द्वारा श्रवण कुमार द्वारा माता-पिता को तीर्थ स्थानों के दर्शन कराना, दशरथ के बाण से श्रवण का वध होना, रावण वेदवती संवाद का सुंदर वर्णन किया गया। जिसे देख दर्शक भाव विभोर हो उठे।
दौराला रेलवे स्टेशन के पास रामलीला ग्राउंड पर आयोजित रंग मंच कमेटी द्वारा तीसरे दिन श्रवण कुमार माता पिता को तीर्थ स्थानों के दर्शन कराते है। इसी बीच गंगा से पानी भरते समय राजा दशरथ किसी जंगली जानवर की आवाज समझकर बाण चला देते है, जो श्रवण के सीने को चिरता हुआ पार निकल जाता है। श्रवण कुमार के अंधे माता पिता बेटे की मौत पर विलाप करते हुए राजा दशरथ को पुत्र के वियोग में मरने का शाप देते है और अपने प्राण त्याग देते है। जिसे देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए। राजा दशरथ भी श्रवण की मौत पर विलाप करते है और पश्चयताप करते है। रावण वेदवति संवाद तक के प्रसंग होने तक सुंदर वर्णन किया गया। रामलीला का शुभारंभ समाजसेवी पुरूषोत्तम उपाध्याय द्वारा भगवान के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष ठाकुर कृपाल सिंह, अनिल चौधरी, तेजपाल कश्यप, प्रद्युमन जैन, सुरेंद्र चौहान, ओमपाल चौहान, आजाद चौधरी, मुकेश अहलावत, लोकेश चौहान, सभासद राकेश गुप्ता व राजीव शर्मा का विशेष सहयोग रहा।