सरधना।श्री रामलीला मैदान के विशाल पंडाल में श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव में शुक्रवार को नारद मोह, रावण जन्म के साथ वेदवती संवाद के प्रसंग का मंचन श्री रामा मंडल के कलाकारों द्वारा किया गया। श्री रामा मंडल कमेटी रामतलैया मंदिर के कलाकारों द्वारा भगवान श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव का शुभारंभ आरती करके किया।
श्री रामलीला कमेटी सरधना के श्री रामलीला प्रदर्शन में नारद मोह, रावण जन्म और वेदवती संवाद का मंचन कलाकारों ने बडे़ ही सुंदर ढंग से प्रदर्शन किया। नारद जी को अभिमान हो जाता है। जिसको भगवान श्रीविष्णु जी अपनी महिमा से भंग करते हैं। जिस पर नारद जी भगवान विष्णु जी को श्राप दे देते हैं। जिसके बाद रावण जन्म हुआ। रावण अपनी अहंकार की वजह से वेदवती से श्रापित हो जाता है। रामलीला प्रदर्शन के दौरान मूलचन्द सैनी, तेजस्वी भगवान, प्रदीप बुद्धिराजा, प्रमोद सक्सेना, सचिन खटीक, सूर्यदेव त्यागी, वीरेन्द्र सैनी, शरद त्यागी, पीयूष त्यागी, अनंत सैनी, राहुल, आशीष, अंकित, लोकेश जैन, विनोद कश्यप, रूपचंद, विक्की सैनी आदि उपस्थित रहे।
श्रीराम जन्म होते ही जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान
लावड़ में चल रही रामलीला के 69वें मंचन में शुक्रवार को भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, रावण व कुंभकरण जन्म प्रसंग का मंचन हुआ। राम जन्म होते ही रामलीला मैदान में श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला कमेटी के प्रधान दीपक गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को भगवान श्रीराम की आरती के बाद पर्दे पर मंचन शुरू हुआ। राम जन्म देखने के लिए शुक्रवार को बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। उन्होंने बताया कि भगवान राम का जन्म होते ही रामलीला मैदान जयकारों से गूंज उठा। राम, लक्ष्मण का जन्म होने पर राजा दशरथ फूले नहीं समाते और ऋषि मुनियों से हवन पूजन कराते हैं। वहीं, राजा दशरथ पुत्र राम के मोह में स्वयं बच्चे बन जाते हैं। वहीं रावण, कुंभकरण का जन्म का भी मंचन दिखाया गया। इस मौके पर अवधेश मित्तल, राजीव गुप्ता, संजीव अग्रवाल, सर्वेश सैनी, कालू, सुभाष कश्यप, सुभाष सैनी, पिंटू, अनुज शर्मा, पंडित चंद्रकांत शर्मा, गौरव गुप्ता, जयपाल, अशोक आढ़ती आदि मौजूद रहे।