हस्तिनापुर। नगर पंचायत के सभागार में नगर पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को मासिक बोर्ड बैठक हुई। इसमें मुख्यमार्ग पर पथ प्रकाश व्यवस्था, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने व जल आपूर्ति सुचारु करने और नगर का मुख्यद्वार बनाए जाने, चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमा लगाने के दर्जनों प्रस्ताव पास हुए।
बोर्ड बैठक की शुरुआत अधिशासी अधिकारी मधुरमय निशाद ने पूर्व बैठक में पास हुए विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट के साथ की। नगर पंचायत कार्यालय सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में छह प्रस्ताव पास किए। जिसमें वार्ड छह सभासद रजनीश कर्णवाल ने वार्ड आठ में सार्वजनिक धर्मशाला बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। उसे सर्वसम्मति से पास किया गया। इसके बाद अन्य सभासदों ने पथ कस्बे की पथ प्रकाश, कस्बे एवं आसपास के मंदिरों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, कस्बे की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने, कस्बे के सौंदर्यीकरण के लिए कुरुक्षेत्र की तर्ज पर मुख्य मार्ग पर प्रवेश द्वारा बनाए जाने, कस्बे के प्रत्येक चौराहों पर महापुरुषों की मूर्ति लगाए जाने आदि के प्रस्ताव रखे गए। बोर्ड में सर्वसम्मित से पास हो गए। वहीं, कस्बे में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में कस्बे में मात्र छह चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। बोर्ड ने अब तक आयोजित बोर्ड बैठकों के बाकी बचे प्रस्ताव को जल्द पूरा किए जाने संबंधी आदि मांग की। उसके बाद नगर पंचायत चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की उपस्थिति में नगर के मुख्य बाजार में सफाई अभियान की शुरूआत की गई। यहां पर अधिशासी अधिकारी निशाद मधुरमय समेत सभासद कमल सिंह, बीना, रोहित, प्रह्लाद सिंह, कोमल, रविता, आशा, मुनेश, अमित पाइक, आरती, श्वेता, देवव्रत आदि शामिल रहे।
मुख्य बातें
वार्ड आठ में सार्वजनिक धर्मशाला बनाने का प्रस्ताव भी पास
शिविर में 135 मरीजों की जांच की
हस्तिनापुर। ग्राम रठौरा खुर्द के मंदिर प्रांगण में चिकित्सा सप्ताह शिविर लगाया गया। जिसमें सवा सौ से अधिक ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच चिकित्सकों ने की व स्वास्थ्य उत्तम रखने के लिए ग्रामीणों को सलाह दी। मुख्य अतिथि जिला संयोजक मनोज गोयल ने ग्रामीणों को इस योजना का पूरा लाभ लेने की सलाह दी। प्रदेश सरकार द्वारा गरीब ग्रामीणों के लिए चलाई जा रही योजना के बारे में बताया। शिविर में 135 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई। साथ ही दवा भी दी गई। कार्यक्रम में आसपास के ग्रामीण पहुंचे एवं योजना का लाभ लिया। इस योजना की तमाम जानकारी चिकित्सा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी डॉ. विजयवीर ने तमाम जानकारी जिससे ग्रामीण योजना का लाभ उठा सकें। भाजपा कार्यकर्ता सोमनाथ पपनेजा राजीव चौधरी, डॉ. विजयवीर, महेंद्र सिंह, चीनू, गोपाल, सतीश, प्रदीप मान, जयप्रकाश आदि रहे।
दूसरों के सुख से दुखी है आज का मनुष्य
हस्तिनापुर। दशलक्षण धर्म के नौवें दिन मुख्य वेदी पर सभी श्रद्धालुओं से पधारे धर्मानुयाइयों ने अभिषेक कर पुण्य का संचय किया। इसके बाद समोशरण जिनालय में कल्पद्रुम महामंडल विधान की पं. आशीष जैन शास्त्री मंगलाष्टक पढ़ते हुए मांगलिक क्रियाएं प्रारंभ कराई।
श्री 1008 मल्लिनाथ भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य कुसुम, सुधांशु जैन, दीपक जैन, सार्थक जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा में सहयोग रमेश चंद जैन ने किया। मुनिश्री 108 भावभूषण जी महाराज ने श्रावक ने कहा कि संसारी प्राणी अपने दुखों के कारण इतना दुखी नहीं है जितना की पड़ोसी के सुख को देखकर दुखी है। मनुष्य मोह, राग, द्वेष, ईर्ष्या और लालच के मद में चूर होकर असहज और अशांति का अनुभव करता है। मुनि श्री जी ने कहा कि इस दस दिवसीय अनुष्ठान में आप सभी ने अपना घर परिवार, व्यापार आदि कार्य का त्याग करते हुए धर्म की प्रति जो श्रद्धा की है। उसको देखकर लगता है आप सभी का निकट भव्य में निश्चित रूप से कल्याण होगा। ऐसा मंगल आशीर्वाद भक्तों को प्रदान किया। नित्य-नियम पूजन करते हुए सभी भक्तों ने सोलह कारण पूजा एवं दशलक्षण पूजा, रत्नात्रय पूजन की एवं समवशरण विधान में भगवान के 1008 नामों की आराधना कर पुण्य का संचय किया। सायंकालीन बेला में संगीतमय आरती भक्ति एवं उत्तर प्रांतीय गुरुकुल के छात्रों ने धार्मिक नाटिका प्रस्तुत की विधान में सम्मलित पुरुषों एवं महिलाओं ने भाव-विभोर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के पुरस्कार शोभित जैन, प्रदीप जैन, रामराज एवं बीना जैन, कानपुर की ओर से प्रदान किए गए। महामंत्री मुकेश जैन सर्राफ, उपाध्यक्ष जिवेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, विजय जैन आदि उपस्थित रहे। मुकेश जैन महाप्रबंधक, अशोक जैन, अतुल कुमार जैन, कमल जैन, मणीचंद जैन, नवनीत जैन, आदि ने सहयोग प्रदान किया।
वहीं, जम्बूद्वीप में चल रहे दशलक्षण पर्व के अवसर पर आकिंचन धर्म के दिन विशेष रूप से भगवंतों पंचामृत अभिषेक किया गया। इस अवसर पर अनेक प्रांतों से पधारे यात्रियों ने आकिंचन धर्म की पूजन की। संध्याकाल में सभी मंदिरों में भगवन्तों की आरती की गई एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस अवसर पर पूज्य माताजी ने भी आशीर्वाद एवं तप धर्म के बारे में भक्तों को बताया।