झूठ वचनों का त्याग करना ही सत्य वचन है
हस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर हस्तिनापुर के मल्लिनाथ भगवान के समवशरण में पर्यूषण पर्व के शुभ अवसर पर चल रहे श्री 1008 समवशरण महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास पूर्वक सर्वप्रथम तीर्थंकर भगवंतों का अभिषेक किया।
महामंत्रों से मंत्रित सर्व जगत की शांति के लिए आज शांतिधारा करने का सौभाग्य सुरेंद्र जैन, सरिता जैन, नीरज जैन, छवि जैन तथा सहयोग अनिल कुमार जैन, टूंडला ने किया। तीर्थ क्षेत्र के सदस्य विजय कुमार जैन बैंक वालों ने मंगल तिलक कर स्वागत किया। आज पर्यूषण पर्व के पांचवे दिन मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज ने सत्य धर्म पर प्रवचन देते हुए कहा कि कठोर वचन, व झूठ वचनों का त्याग करना ही सत्य धर्म है। सत्यरूपी जवाहर रत्न का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि सत्यवादी प्राणी संसार में सुखी रहते हैं। सत्यधर्म का पालन करते हुए दूसरों के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। मुनिराजों की और श्रावकों की प्रतिष्ठा उत्तम सत्यधर्म के पालन करने से ही है। सत्य को पाने का पहला तरीका झूठ का त्याग कर दे पर ऐसा सत्य भी न बोले, जो दूसरों के संताप उत्पन्न कर दें। तीन लोक महामंडल विधान की समस्त मांगलिक क्रियाएं पं. आशीष जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। बीच-बीच में पाठ में सम्मलित धर्म प्रेमी बंधुओं व माता-बहनों ने पूर्ण भक्ति के साथ भगवान मल्लिनाथ की भक्ति की। आज के भोजन की व्यवस्था आर. डी. जैन, सुशीला जैन, मनोज जैन, अनुज जैन, देवलोक कालोनी की ओर से की गई। 48 दीपकों से भक्तामर पाठ सुरेंद्र जैन, सरिता जैन, आर.डी, पदमा जैन, कंवरसैन जैन, सुशीला जैन द्वारा किया गया। संगीतमय महाआरती, भक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में आओ करें तीर्थ वंदना प्रतियोगिता में श्री दिगंबर जैन उत्तर प्रांतीय गुरुकुल के दो छोटे-छोटे बच्चों ने एवं उपस्थित जनसमुदाय ने प्रतियोगता में सम्मिलत होकर पुरस्कार प्राप्त किए। आज के पुरस्कार महेश चंद जैन की ओर से प्रदत्त किए। मुकेश जैन महाप्रबंधक, अशोक जैन, उमेश जैन, कमल जैन, अतुल जैन, मणिचन्द जैन, नवनीत जैन आदि महानुभाव सहयोग कर रहे है।