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पुरानी पेंशन बहाली के लिए तहसील में धरना-प्रदर्शन

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मवाना/सरधना। कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में बुधवार को तहसील में धरना दिया। यहां वक्ताओं ने पुरानी पेंशन लागू नहीं होने से आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी।
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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर बुधवार को विद्युत निगम, शिक्षा विभाग, संग्रह अमीन आदि एकत्र होकर तहसील पहुंचे। उन सभी ने एकजुट होकर धरना दिया। यहां वक्ताओं ने कहा कि सरकारी कर्मचारी पूरी जिंदगी सरकार की सेवा करने के बाद बिना पेंशन बुढ़ापा कैसे काटेगा। वेतन से कटने वाला फंड उन्हें एक साथ मिल जाता है परंतु उन पैसों से वह मकान बनाता है अथवा बेटों-बेटियों की पढ़ाई एवं शादी का खर्च उठाता है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। इसके अतिरिक्त एएस इंटर कॉलेज में भी पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर धरना दिया गया। शिक्षकों ने सरकार से जल्द मांग पूरी करने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एडीएम एवं एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव को सौंपा। यहां मनु काकरान, दीपक वर्मा, अनिल, मोहम्मद नाजिम, रविंद्र, सुनित, सतेंद्र, डॉ. मेघराज, सुनील, मान सिंह, सचिन, कुमकुम, प्रमोद चौधरी, अतुल, नरेंद्र, दिनेश, उदय आदि मौजूद रहे।
उधर, सरधना तहसील मुख्यालय पर कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों का पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के आह्वान पर दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। शिक्षक-शिक्षिकाएं और अमीन कार्य बहिष्कार कर धरना एवं प्रदर्शन में शामिल हुए। पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश तहसील सरधना के संयोजक सुभाष अमीन एवं अध्यक्ष धर्मवीर सिंह, उपाध्यक्ष प्रदीप पुनिया भी धरने में शामिल हुए। कर्मचारी एवं शिक्षा अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठे। उन्होंने जोरदार प्रदर्शन भी किया। उनका नेतृत्व सरधना के संयोजक सुभाष अमीन एवं अध्यक्ष धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में किया गया। धरना-प्रदर्शन का संचालन दीपक पूनिया ने किया। कर्मचारी एवं शिक्षक अधिकारियों को संबोधित करते मंच के तहसील संयोजक सुभाष ने कहा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत सरकारों को आदेशित कर रही है। पेंशन कर्मचारियों का हक है। वह उनको मिलना चाहिए। वर्ष 2005 के बाद कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को पेंशन नहीं मिल रही है। हालांकि विधायक, सांसद एवं मंत्री आदि को पेंशन दी जाती हैं। कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों को वंचित कर दिया है। धरने को संबोधित करते हुए धर्मवीर सिंह, प्रदीप पूनिया ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश की सरकार कर्मचारियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों की पेंशन बहाल नहीं करेगी तो मंच देशभर में आंदोलन करता रहेगा। इस मौके पर सरधना ब्लॉक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने भी धरने को संबोधित किया। इस मौके पर सतीश कुमार, योगेश कुमार, चेतन भारद्वाज, अजय गुप्ता, राकेश शर्मा, राज ऋषि, अमृतराज, बबीता, शशि कौशिक, तरुण, शशि शंकर आदि मौजूद रहे।
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उधर, नगर के आचार्य नमि सागर जैन इंटर कॉलेज में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की बैठक हुई। इसमें 29, 30, 31 अगस्त को स्कूलों में तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन को समर्थन किया। बैठक में राजवीर सिंह राठी जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनका गुट काफी समय से पुरानी पेंशन की बहाली की मांग कर रहा है। यह मांग वर्ष 2005 से जारी है। इस मौके पर यशवीर सिंह ने कहा कि बीती 28 अगस्त को मेरठ में डीआईओएस के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा जा चुका है। बैठक में यशवीर सिंह, सतीश कुमार त्यागी, शोभित त्यागी, मोहित चौहान, पंकज गर्ग, मयंक जैन, अजय शर्मा, प्रदीप चौधरी, सुधीर त्यागी आदि उपस्थित रहे।
मुख्य बातें
पुरानी पेंशन बहाली मंच के तत्वावधान में सरधना और मवाना तहसील परिसर में जुटे शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी
सरकार से पेंशन शीघ्र बहाली की मांग की



जरनैल सिंह बने सचिव
मवाना। पूर्व विधायक के आवास पर सपा कार्यकर्ताओं की बुधवार को बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि ने की। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सचिन गुर्जर ने लतीफपुर निवासी जरनैल सिंह को विधानसभा क्षेत्र सचिव मनोनीत किया। इस पर नौशाद, जॉनी, कपिल, बाबूराम, हेम सिंह, मंशाराम, सतपाल, राहुल, नईम, रविंद्र, गुड्डू यादव, शहजाद, अजीत सिंह, ओमपाल आदि ने बधाई दी।
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