मवाना। मेरठ रोड स्थित पालिका की जमीन पर रोक के बावजूद धड़ल्ले से मृत मवेशियों के अवशेष डाले जा रहे हैं। जिस कारण दिनभर बदबू से लोगों का बुरा हाल रहता है।
हस्तिनापुर के ऐतिहासिक एवं महाभारतकालीन होने के चलते यहां दूरदराज से लोग घूमने आते हैं। मवाना में घुसने से पहले पालिका की जमीन है। यहां मृत पशुओं के अवशेष डाले जाते थे। पर्यटन स्थल के लिए लोगों को यही से गुजरना पड़ता है। इसके मद्देनजर पूर्व में पालिका ने यहां मृत पशुओं के अवशेष डालने पर रोक लगा दी थी। कुछ महीने तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन दोबारा से यहां मृत पशुओं के अवशेष डाले जाने लगे हैं। जिस कारण यहां दिन-रात बदबू उठती रहती है। यहां राहगीरों को नगर में घुसने से पहले बदबू का सामना करना पड़ता है। नगर में घुसने से पहले ही यदि बसों में बैठे यात्रियों को बदबू महसूस होती है तो वह समझ जाते हैं कि मवाना कस्बा आ चुका है।
कुत्तों का रहता है बसेरा
यहां मृत पशुओं के अवशेष पड़े होने से दिन-रात आवारा कुत्तों का डेरा लगा रहता है। रात के समय 70 से 80 कुत्ते देखे जा सकते हैं। दिन में भी कुत्ते हर वक्त यहां बैठे रहते हैं। यहां से गुजरने वाले बाइक सवारों के पीछे कुत्ते भागते हैं। जिस कारण हर वक्त हादसे का डर बना रहता है।
वहां मृत पशुओं के अवशेष डालने की अनुमति नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।-अय्यूब कालिया, चेयरमैन मवाना
मुख्य बातें
मेरठ रोड स्थित पालिका की जमीन पर रोक के बावजूद डाले जा रहे अवशेष
राहगीरों को नगर में घुसने से पहले करना पड़ता है दुर्गंध का सामना