बहसूमा। तहसील की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सैफपुर फिरोजपुर के ग्राम रामराज को नगर पंचायत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम ने एसडीएम मवाना से ग्राम रामराज के नगर पंचायत बनाने हेतु कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
एसडीएम मवाना ने रामराज के प्रधान एव बीडीओ से स्कूल, बैंक, आबादी एव मतदाताओं आदि बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। एसडीएम ने शुक्रवार को ही रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दी है। जिससे रामराजवासियों को नगर पंचायत बनने की उम्मीद जगी है। इसे जनप्रतिनिधियों की उदासीनता कहें या रामराज का दुर्भाग्य। शायद जिले में सबसे अधिक मंडी शुल्क देने के बावजूद आज तक नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका है। प्रदेश की गत सरकारों ने रामराज को नगर पंचायत के नाम पर केवल मायूसी दी है। दो जिलों की सीमाओं पर बसे रामराज की आबादी लगभग 30 हजार है। सैफपुर फिरोजपुर ग्राम पंचायत में रामराज एवं तालब नगर गांव शामिल हैं। मुजफ्फरनगर जनपद की जानसठ तहसील के समाना गांव की आबादी लगभग 2 हजार है। यहां के अधिकतर लोगों को मुख्य व्यवसाय व्यापार है। जिसमें गेहूं तथा धान की व्यापक स्तर पर खरीद फरोख्त होती है। करोड़ों रुपये टैक्स के रूप में इस ग्राम पंचायत से सरकार के खाते में जाते हैं। ग्राम पंचायत होने के बावजूद यहां पर आधा दर्जन बैंक, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 132 केवीए के बडे बिजलीघर समेत दो बिजलीघर, दर्जनों छोटे-बडे़ स्कूल-कॉलेज, एक डाकखाना, सहकारी गन्ना समिति आदि की सुविधा तो हैं। हालांकि सड़क, पेयजल, सफाई आदि के लिए उचित फंड न मिलने से लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद एकमात्र सफाई कर्मचारी तैनात है। कई मोहल्लों तथा गलियों का तो सालों में भी सफाई का नंबर नहीं आ पाता है।
प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण रामराज को नगर पंचायत दर्जा नहीं मिल सका है। जिस कारण आबादी के हिसाब से यहां होने वाला विकास नहीं के बराबर है। इसी कारण यहां के लोग उपेक्षित महसूस करने लगे हैं। जिलाधिकारी ने शुक्रवार को एसडीएम मवाना से रामराज के नगर पंचायत बनने के लिए निर्धारित मानकों के संबंध में कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। इस पर एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव ने सैफपुर फिरोजपुर के ग्राम प्रधान पति जितेंद्र व हस्तिनापुर ब्लॉक के बीडीओ रामकिशन से रामराज की आबादी, स्कूल-कॉलेज, मंडी एवं जनकल्याण केंद्र पुलिस चेकपोस्ट तथा बैंकों आदि के बिंदुओं पर प्रस्ताव पारित कर रिपोर्ट मांगी है। प्रधान एवं बीडीओ ने एसडीएम मवाना को उक्त सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट बनाकर सौंप दी है। एसडीएम मवाना ने आज ही जिलाधिकारी को भेज दी है। डीएम प्रपत्रों की जांच कर शासन को भेज देंगे।
नगर पंचायत बने तो ये मिलेंगी सुविधाएं
नगर पंचायत का दर्जा मिलने पर रामराज को अच्छी सड़कें, नगरीय क्षेत्र के हिसाब से बिजली आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटें, पेयजल की सुविधा तथा सफाई के लिए वर्तमान आबादी के अनुसार करीब 54 सफाईकर्मी मिलने के साथ अन्य विकास कार्यों के लिए निधि मिलने लगेगी।
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि
पूर्व प्रभुदयाल वाल्मीकि का कहना है कि रामराज को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया था। रामराज दो जिलों की सीमा पर बसा होने के कारण मुजफ्फरनगर एवं मेरठ की सीमा विवाद में अटक गया था। ।
वहीं, इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक का कहना है कि उन्होंने नगर विकास कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना से मिलकर रामराज को नगर पंचायत दर्जा दिलाने की मांग की थी। मंत्री के निर्देश पर ही नगर पंचायत बनाने की कार्रवाई बढ़ी है। उन्होंने कहा कि वे रामराज को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।
मुख्य बातें
एसडीएम मवाना ने रिपोर्ट दर्ज कर डीएम को भेजी