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भाजपा सरकार किसान विरोधी

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मवाना। उत्तर प्रदेश किसान सभा ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें किसान सभा के सचिव मेरठ मंडल जितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 2014 में भाजपा सरकार ने किसानों से वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनी तो कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागत का डेढ़ गुणा सुनिश्चित करेंगे।
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किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें तो दूर इस अवधि में जो विभिन्न कृषि उपजों के लिए सरकार ने न्यूनतम मूल्य में मामूली वृद्धि की है। बढ़ती महंगाई के मद्देनजर काफी कम है। कृषि में इस्तेमाल होने वाली तमाम चीजों, डीजल, बीज, कीटनाशक, उर्वरकों, कृषि उपकरणों आदि की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। किसानों को अपनी उपजों के लिए पिछले वर्षों के मुकाबले कम दाम मिला है। उन्होंने कहा कि देश की आधी से ज्यादा आबादी लगभग 72 प्रतिशत कृषि पर निर्भर है। सरकार की नीतियां उस वर्ग के विपरीत जा रही हैं। देश में आर्थिक तंगी के कारण पांच लाख किसानों ने आत्महत्या कर ली है। आंकड़े बताते हैं कि लगभग 40-42 प्रतिशत किसानों का खेती से मोह भंग होता जा रहा है। उन्होंने सरकार को उनके वादे पूरे करने के लिए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव को सौंपा। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन को भेजा जा रहा है। यहां सूरजबली शर्मा, रामपाल, बिल्लू, शरणपाल, सत्यपाल, संग्राम सिंह, मनोज धामा, गजेंद्र सिंह, रामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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मुख्य बातें
किसान सभा ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
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