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पांच लाख व तीन दिन में आरोपित को पकड़ने की मांग पर परिजन हुए शांत

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मवाना। दिल्ली स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान वृद्धा की मौत के बाद बृहस्पतिवार को शव नगर में पहुंचा। शव पहुंचने से पहले जाम लगाए जाने की सूचना पाकर पुलिस प्रशासन पहले ही अलर्ट हो गया। जिस पर पीएसी एवं कई थानों की फोर्स नगर में देर शाम तक डटी रही। देर शाम शव पहुंचने पर पांच लाख के मुआवजे एवं तीन दिन में आरोपियों के गिरफ्तार करने के आश्वासन पर पीड़ित शांत हुए।
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बताते चलें कि इकरामनगर निवासी अनीसा पत्नी कसीमुद्दीन पर दो दिन पहले किसी अज्ञात युवक ने रात में सोते समय किसी भारी वस्तु से हमला कर घायल कर दिया था। वृद्धा को गंभीर हालत में मेरठ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से वृद्धा को दिल्ली रेफर कर दिया। बुधवार सुबह उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। तभी से परिजन आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर जाम लगाने की बात कह रहे थे। जिस पर पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए थे। बृहस्पतिवार को शव आने से पहले ही नगर में कई थानों की फोर्स व पीएसी बुला ली गई। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव, सीओ यूएन मिश्रा देर शाम तक पुलिस बल के साथ बड़ा महादेव मंदिर के पास डटे रहे। इसी बीच एसपी देहात राजेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम महिला का शव पहुंचने पर पुलिस मुस्तैद हो गई। इस बीच चेयरमैन अय्यूब कालिया, शहरकाजी नफीस अहमद परिजनों से वार्ता करने पहुंचे और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। परिजनों को सांत्वना व शांति बनाए रखने की अपील के बाद एसडीएम मवाना को मौके पर बुलाया गया। जिस पर एसडीएम मवाना ने तीन दिन में आरोपी को पकड़ने व मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख का मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया। जिस पर परिजन शांत हुए। इस पर परिजनों ने महिला के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि आरोपी को तीन दिन में पकड़ने व मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया गया है।
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मुख्य बातें
वृद्धा को दिन पहले रात में सोते समय भारी वस्तु से हमला करके कर दिया था घायल
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