खरखौदा। गांव गोविंदपुर में हरियाली तीज के अवसर पर पुरुष शिक्षकों को विद्यालय पहुंचना था। इसके बावजूद वे विद्यालय बंद करके चले गये। इसके विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। खंड शिक्षा अधिकारी जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे तक शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा का स्तर अच्छा न होने के करण माता-पिता बच्चों को इनमें भेजने के लिए तैयार नहीं है। हांलाकि केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार इस विभाग को बचाने में लगी हुई है। इसके लिए इन विद्यालयों में बच्चों का पंजीकरण बढ़ाने के लिए सरकार से इन विद्यालयों के बच्चों को दोपहर का खाना, दूध, फ्री किताबें, ड्रेस मुफ्त उपलब्ध करा रही है। उत्तर प्रदेश में अब तक प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे जमीन पर की बैठकर शिक्षा ग्रहण करते थे। प्रदेश सरकार की ओर से सभी विद्यालयों ने डेस्क उपलब्ध की जा रही हैं। उधर, दूसरी ओर विद्यालय के शिक्षक इन स्कूलों को स्तर बढ़ाने के बजाय घटाने में लगे हैं। जिस कारण कई गांवों में प्राथमिक विद्यालय बंद होनेे के कगार पर हैं। सोमवार को हरियाली तीज होने पर इन विद्यालयों की महिला शिक्षिकाओं एवं छात्राओं का अवकाश था। पुरुष शिक्षकों एवं छात्रों को विद्यालय पहुंचना था। इसके तहत गांव गोविंदपुर में प्राथमिक विद्यालय में करीब 220 बच्चे पंजीकृत हैं। जिनमें 120 छात्रायें व करीब 100 छात्र हैं। इंचार्ज रश्मि गर्ग हरियाली तीज के कारण स्कूल नहीं पहुंचीं। उनकी अनुपस्थिति में सहायक अध्यापक एवं मुस्लिम शिक्षिका सुबह विद्यालय पहुंचे। स्कूल में करीब 70 छात्र उपस्थित हुए। दोनों शिक्षकों ने केवल विद्यालय को दोपहर का खाना बनवाने तक खोला। इसके बाद बंद कर दिया। इसकी जानकारी पाकर अभिभावक विद्यालय पहुंचे और हंगामा किया। वहीं, ग्रामीणों ने खंड शिक्षा अधिकारी तोसीफ अहमद से शिकायत की। ग्रामीणों की शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी तुरंत ही विद्यालय पहुंचे तथा दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही मामला शांत हुआ।
विद्यालय समय से पहले बंद किया जाना गंभीर मामला है। दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -सतेंद्र ढाका, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
ग्रामीणों से सूचना पाकर वह मौके पर पहुुंचे थे। वहां दोनों शिक्षक समय से पहले नदारद मिले। हंगामे की जानकारी पाकर शिक्षक दोबारा विद्यालय पहुंचे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है।- तोसीफ अहमद, खंड शिक्षा अधिकारी।