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नंगलामल शुगर कॉम्पलैक्स, टपक सिंचाई पद्धति की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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मुंडाली। गन्ने की पैदावार बढ़ाने एवं जल संरक्षण हेतु नंगलामल शुगर कॉम्पलेक्स, नंगलामल एवं नेटाफिम इरिगेशन इंडिया लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कृषकों एवं अधिकारियों ने भाग लिया।
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नंगलामल शुगर काम्पलेक्स में ड्रिप इरिगेशन पद्धति की कार्यशाला में मुख्य अतिथि आनंद कुमार शुक्ल, जिला गन्ना अधिकारी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि नंगलामल शुगर कॉम्पलेक्स नंगलामल मेरठ जिले की एकमात्र चीनी मिल है। जिसने पर्यावरण हित, कृषक हित एवं राष्ट्र हित को देखते हुए कृषकों को ड्रिप इरिगेशन पद्धति के बारे में पम्पलेट, बैनर, नुक्कड़ नाटक, ग्राम बैठकें एवं समय-समय पर किसान गोष्ठियां आयोजित कर कृषकों को जागरूक किया है। जिसके फलरूवरूप नंगलामल चीनी मिल क्षेत्र में लगभग 160 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ड्रिप इरिगेशन संयंत्र स्थापित कराने में सफलता प्राप्त की। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा कराई गई क्रॉप कटिंग के परिणाम काफी उत्साहजनक हैं। परंपरागत विधि से बोये गये गन्ने के सापेक्ष ड्रिप इरिगेशन पद्धति से बोए गन्ने से कृषकों को 15-20 प्रतिशत अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ है। जिससे कृषकों में ड्रिप इरिगेशन पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ी है। नंगलामल शुगर कॉम्पलेक्स की टीम का इसमें विशेष योगदान है। जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। वे आगे भी नंगलामल टीम से इसी उत्साह के साथ कार्य करते हुए ड्रिप इरिगेशन संयंत्र की स्थापना में बढ़ोतरी का आह्वान किया। साथ ही यह भी बताया कि उक्त संयंत्र की स्थापना से भूजल संरक्षण होगा जो कि आज एक राष्ट्रीय एजेंडा है। पानी की निरंतर होती कमी को देखते हुए समय की मांग एवं पर्यावरण, कृषक व राष्ट्र हित के लिए आवश्यक भी है।
नंगलामल शुगर कॉम्पलेक्स, नंगलामल के वरिष्ठ महाप्रबंधक (गन्ना), श्री एलडी शर्मा ने बताया कि नंगलामल चीनी मिल द्वारा ड्रिप इरिगेशन संयंत्र स्थापना के लक्ष्य को प्राप्त करने में समय पर जिला गन्ना अधिकारी, श्री आनंद कुमार शुक्ल का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नंगलामल चीनी मिल का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रफल में ड्रिप इरिगेशन संयंत्र स्थापित कर गन्ने की उत्पादकता बढ़ाकर उनकी आय को बढ़ाना है। इस पद्धति से सिंचाई में लगने वाले पानी की बचत के साथ उर्वरकों का भी संतुलित प्रयोग होता है। जिससे कम खर्च में अधिक उत्पादन प्राप्त होता है। भूजल का दोहन भी कम होता है।
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इसी क्रम में नेटाफिम कम्पनी से आए टेक्निकल विशेषज्ञ अजयढाल पंवार ने ड्रिप इरिगेशन संयंत्र के विषय में विस्तार से बताया। इसके रखरखाव एवं सही उपयोग के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
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मुख्य बातें
नंगलामल शुगर मिल में जलसंरक्षण पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
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