फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंडरपास का बोरवेल बना हादसे की वजह

विज्ञापन
विज्ञापन
खरखौदा। मेरठ से हापुड़ तक रेल विभाग ने मेरठ-खुर्जा ट्रैक पर पांच जगह अंडरपास बनाये हैं। ये चांदसारा हाल्ट, ग्राम धनौटा, खरखौदा, उलधन रोड, सेतकुआं एवं पांची में हैं। इन सभी अंडरपास का निर्माण पूर्ण होने के बावजूद इनमें जलभराव होता रहा है। अंडरपास का कार्य पूर्ण हुआ तो एक-दो को छोड़कर सभी का बोरवेल काम कर रहे हैं। अंडरपास का नक्शा पास करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार अंडरपास में बोरवेल उसके क्षेत्रफल के हिसाब से बनाया है। जिस अंडरपास का जितना क्षेत्रफल है उतने ही साइज का बोरवेल किया गया है। जब जब बरसात तेज हुई तब तब अंडरपास में जलभराव हुआ, लेकिन कुछ समय बाद ही बोरवेल ने अपना काम किया तथा पानी सोख लिया। इस पांचों में केवल चांदसारा हाल्ट अंडरपास का बोरवेल ही फेल हुआ। जहां उसने काम नहीं किया। ग्रामीणों के अनुसार चांदसारा के पास में ही सिंचाई विभाग का छोटा बंबा गुजरता है। यहां पूरे जंगल की ऊंचाई अंडरपास के मुकाबले अधिक है। जिससे शुक्रवार को हुई मूसलाधार वर्षा के कारण बंबा भी ओवरफ्लो हो गया। वहीं, पूरे जंगल का पानी भी इसी ओर आ गया था। अंडरपास में बोरवेल केवल उसके क्षेत्रफल के हिसाब से ही बनाया गया है। तेजी से आए पानी केे साथ मिट्टी भी आई। उक्त मिट्टी बोरवेल में फंस गई। जिससे वह बंद हो गया। इसके अतिरिक्त सभी अंडरपास के बोरवेल सही काम करते मिले।
विज्ञापन

वर्जन
सभी अंडरपास मानक के अनुसार बनाए गए हैं। इनमें क्षेत्रफल के मुताबिक बोरवेल किए गए हैं। सभी अंडरपास नक्शे के मुताबिक बने हैं परंतु चांदसारा हाल्ट के समीप बना अंडरपास ग्रामीणों द्वारा जमीन नहीं दिए जाने से तब्दीली हुई थी। शायद इसीलिए परेशानी आ रही है। प्रमोद पांडेय, सेक्शन इंजीनियर रेलवे
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें