सरधना में लगातार हो रही बारिश में कई सरकारी स्कूलों की छत गिरने के कगार पर-
सरकारी स्कूलों में जलभराव की समस्या हुई गंभीर-स्कूली बच्चों के साथ शिक्षक भी परेशान-
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना/मवाना/माछरा////।
क्षेत्र में कई दिन से चल रही बारिश से प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में पानी भर गया है। इतना ही नहीं इनकी छतें भी टपक रही हैं। यहां पहुंचने वाले जोखिम उठाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यहां शिक्षक एवं बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। बरसात में हालत कुछ ज्यादा ही खराब है।
सरधना ब्लॉक क्षेत्र में 67 प्राथमिक व 47 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें तीन विद्यालय ऐसे हैं जिनकी हालत काफी जर्जर है। कई स्कूलों के नये भवन बन गये हैं परंतु पुराने जर्जर भवनों को अभी तक नहीं हटाया जा सका है। इनके चलते बच्चों के साथ कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। दो प्राथमिक एवं एक उच्च प्राथमिक स्कूल ऐसे भी हैं। जिनके जर्जर भवन में बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बरसात में इन स्कूलों में खतरा और बढ़ जाता है। यहां जलभराव से परिसर और कमरे के अंदर पानी भर जाता है। वहीं, छत टपकने से स्कूली बच्चे एवं उनकी किताबें-कापियां भीग जाते हैं। स्कूल पहुंचने और घर लौटने के दौरान परेशानी से जूझना पड़ता है। ब्लॉक में गांव कपसाड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो, महादेव स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक व उच्च प्राथमिक विद्यालय दादरी के जर्जर भवनों की कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। कपसाड़ प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज अजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने जर्जर भवन के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया परंतु नये भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। महादेव प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज विवेक त्यागी ने बताया कि उन्होंने भी विभाग को अवगत करा दिया है। दादरी उच्च प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज मीनाक्षी ने बताया कि उन्होंने विद्यालय के भवनों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दे रखी है। बरसात के दौरान विद्यालय के भवन की स्थित ज्यादा खराब हो जाती है। सरधना ब्लॉक के अधिकतर विद्यालयों के परिसर में जलभराव की स्थित बनी रहती है। यहां तक की बीआरसी परिसर में बने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी स्थिति बदतर है। इस संबंध में बीआरसी शरद चौहान ने बताया कि दादरी, कपसाड व महादेव गांव के सरकारी स्कूल जर्जर होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जिससे बच्चे सुरक्षित स्थितियों से पढ़ाई कर सकें।
मवाना तहसील रोड स्थित प्राइमरी व जूनियर स्कूल में 8 से 10 बच्चे पढ़ाई करने पहुंचे। स्कूल के मैन रास्ते पर कीचड़ से होकर बच्चों को गुजरना पड़ता है। वहीं, स्कूल के मैदान में जलभराव होने से बच्चे कमरों में ही कैद रहे। जूनियर स्कूल के इंचार्ज मौ. रिजवान ने बताया कि मैदान नीचा होने के कारण जलभराव की समस्या हर बार होती है। इस मामले में लिखित शिकायत अधिकारियों को दी जा चुकी है, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। जूनियर स्कूल के बराबर में चलने वाले प्राइमरी व जूनियर कन्या विद्यालय बच्चे कम की वजह से समय से पहले ही बंद हो गए। तहसील रोड के समीप दूसरे प्राइमरी स्कूल में बच्चे कम पहुंचे और कुछ को समय से पहले ही उनके अभिभावक ले गए। इस संबंध में एबीएसए ध्यानचंद का कहना है कि मैदान में जलभराव की शिकायत मिली थी, जल्द समस्या को दूर किया जायेगा। इसके अतिरिक्त जर्जर भवन की मवाना ब्लॉक में अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है।
माछरा बेसिक शिक्षा परिषद के प्राईमरी ओर जूनियर विधालय कायस्थ बढढा मे शुक्रवार को छुटटी रही जबकि रविवार को स्कूल खोला जाता है जबकि शिक्षको के पास ऐसा कोई भी आदेश नही है कि रविवार को स्कूल खोला जाये और शुक्रवार को स्कूल बंद रहेगा।
ब्लॉक माछरा अंतर्गत गांव कायस्थ बड्ढा मुस्लिम बहुल है। इसमें करीब 80 प्रतिशत मुस्लिम लोग रहते हैं। यहां एक ही परिसर में प्राइमरी एवं जूनियर विद्यालय स्थित हैं। प्राइमरी में करीब 300 बच्चे हैं और जूनियर विद्यालय में करीब 200 छात्र-छात्राएं हैं। यहां पर शुक्रवार को विद्यालयों की साप्ताहिक छुट्टी रहती है। हालांकि रविवार को स्कूल खोला जाता है। प्राइमरी विद्यालय की इंचार्ज सुषमा जैन तथा जूनियर विद्यालय के इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब से तैनाती हुई है उससे पहले से ही यह व्यवस्था है। हालांकि शिक्षकों ने बताया कि बीएसए की ओर से अभी तक ऐसा कोई आदेश उनके पास नहीं आया। बीएसए के निर्देश का पालन किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की नमाज को ध्यान रखकर जुम्मे को स्कूल की छुट्टी करा रखी थी। जिससे बच्चे भी नमाज अदा कर सकें। उधर, बीएसए सतेन्द्र कुमार ढाका ने बताया कि एक-दो दिन में आदेश भेज दिया जाएगा कि शुक्रवार को विद्यालय खोला जायेगा। रविवार की छुट्टी रखी जायेगी।