खरखौदा। काली नदी में मेरठ शहर का गंदा पानी एवं कई फैक्टरियों का केमिकल युक्त पानी बहता है। यह क्षेत्र के गांव जलालपुर, चिंदौड़ी, आड़, अल्लीपुर, अतराड़ा समेत कई गांवों से गुजरती है। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बरसात के चलते काली नदी में बहकर आ रहा कूड़ा गांव जलालपुर में पुल में फंस गया। वहीं, पानी की अधिकता के कारण नदी ओवर फ्लो हो गई। जिस कारण पानी गांव चिंदौड़ी व घोसीपुर के जंगल में घुसने गया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन को दी। इस पर नगरायुक्त मनोज कुमार एवं सिटी मजिस्ट्रेट जेसीबी लेकर पहुंचे। कामयाबी नहीं मिलने पर पोर्र्कलेन मशीन मंगाई गई। इसने कई घंटों तक कूड़ा निकालनेे का कार्य किया। इससे पानी का बहाव इतना बढ़ा कि पानी काली नदी का पानी खेतों में खड़ी फसलों को भी बहाकर ले गया। काली नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण गांव घोसीपुर, जलालपुर, चिंदौड़ी, अल्लीपुर, कुढ़ला, आड़, अतराड़ा समेत कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
तीस वर्षों में नहीं आया इतना पानी
गांव घोसीपुर निवासी पार्षद इदरीश समेत अन्य लोगों ने बताया कि तीस वर्षों में कभी भी इस काली नदी में इतना पानी नहीं आया। वहीं शहर का हजारों टन कूड़ा नदी में बहकर आता है। यह पुल में फंस जाता है। कूड़ा डालने का विरोध कई बार ग्रामीण कर चुके हैं। कई बार नदी की सफाई भी कराई जा चुकी है।