माछरा। ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत गैर मान्यता प्राप्त स्कूल कुकरमुत्तों की तरह खुल रहे हैं। यहां फीस, किताब, यूनिफार्म के नाम पर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है। हालांकि ब्लॉक स्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारी ऐसे स्कूलों के बारे में अनजान बने हुए हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा विभाग में लापरवाही के चलते गैर मान्यता प्राप्त स्कूल गली-मोहल्लों में संचालित किए जा रहे हैं। क्षेत्र के हसनपुर कलां, माछरा, नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, माछरा, गोविंदपुरी, रहदरा, शोल्दा, खंद्रावली, नंगली किठौर, महलवाला, किठौर, रहदरा, बड्ढा, पसवाड़ा, अमरपुर, मानपुर, कुलीपुर, भटीपुरा, मेघराजपुर, रछौती, बड़ागांव, राधना, जेई, नवीपुर, अल्लीपुर, ऐत्मादपुर, मुबारिकपुर, लालपुर, नंगला शाहू, कैली आदि ब्लॉक के 42 गांवों में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल धड़ल्ले से संचालित किए जा रहे हैं। गैर मान्यता वाले स्कूल खोलकर अभिभावकों से मनमानी फीस, किताबें, यूनिफार्म के नाम पर वसूली कर रहे हैं। कई स्कूलों के पास नर्सरी से कक्षा 5 तक की मान्यता है परंतु वहां कक्षा आठ तक संचालित की जा रही हैं। इन विद्यालयों में शिक्षक भी अप्रशिक्षित हैं। उनके पास मानक अनुसार योग्यता नहीं है। प्रदेश सरकार के सख्त निर्देश के बावजूद ब्लॉक माछरा के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी इन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची तक नहीं बना सके हैं। उनके क्षेत्र में कितने गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चल रहे हैं। इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है।
उधर, खंड शिक्षा अधिकारी माछरा शीशपाल सिंह ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों नोटिस दिए गए हैं परंतु वे नोटिस की सही संख्या नहीं बता पाए। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी प्राइमरी विद्यालयों के शिक्षक बच्चों को सही शिक्षा देने लगे और बेहतर माहौल मिले तो निजी स्कूल बंद हो जाएंगे।
मुख्य बातें
अभिभावकों से शुल्क, किताबों एवं यूनिफार्म के नाम पर कर रहे वसूली
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने नोटिस थमाकर की इतिश्री