जानीखुर्द/मेरठ। मेरठ में कन्या को भ्रूण में मारा जा रहा है। इसका पता मेरठ की स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को नहीं चला। लेकिन खुलासा हरियाणा के सोनीपत जिले की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जानी खुर्द के एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापा मारकर कर दिया। इस दौरान टीम ने सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानी खुर्द में पेट्रोल पंप के सामने आस्था डाइग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड सेंटर करीब डेढ़ माह पूर्व शुरू किया गया था। मंगलवार को सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. अनविता कौशिक के नेतृत्व में डॉ. आदेश शर्मा और तीन अन्य स्टाफ के साथ भ्रूण लिंग परीक्षण की शिकायत मिलने पर छापा मारा। इस दौरान मेरठ से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम डिप्टी सीएमओ देवीदास, एडिशनल सीएसओ डॉ. जीके मिश्रा, अजहर और जानी पुलिस भी सोनीपत की स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौजूद रही।
सोनीपत की टीम ने एक महिला को मिथ्या ग्राहक बनाकर लिंग परीक्षण करने के लिए भेजा था। छापा पड़ते ही सेंटर के स्टाफ और मौके पर मौजूद मरीजों में खलबली मच गई। अल्ट्रासाउंड कराने आए आधा दर्जन मरीज भी टीम को मौके पर मिले। सेंटर से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुनील और राकेश निवासी बड़ौत को पकड़कर जानी पुलिस को सौंप दिया। अन्य जिलों से ग्राहक लाने वाली एक महिला निवासी बड़ौत को भी मौके से हिरासत में लिया गया। टीम ने एक अल्ट्रासाउंड मशीन व इससे संबधित सामान बरामद किया। सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे।
सेंटर वालों को हो गया था शक
जानी में भ्रूण लिंग परीक्षण की जानकारी सोनीपत की टीम को काफी दिनों से मिल रही थी। टीम ने तीन दिन पूर्व भी छापामारी की योजना बनाई थी। इसके लिए एक महिला को ग्राहक बनाकर भेजा था। लेकिन अल्ट्रासाउंड सेंटर वालों को कुछ शक हो गया, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए ग्राहक का भ्रूण परीक्षण नहीं किया गया।
ऐसे हुआ खुलासा
मुखबिर के जरिए सोनीपत की टीम को जानी में भ्रूण लिंग परीक्षण सेंटर चलने की जानकारी मिली। सोमवार को सोनीपत की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से एक महिला को भ्रूण लिंग परीक्षण करवाने के लिये एक दलाल के पास भेजा। दलाल ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिये महिला से 24 हजार रुपये लिए। इसके बाद कार से महिला को बड़ौत लाया गया। रास्ते में कई घंटे महिला को बागपत में गांव बालैनी के पास स्थित एक अस्पताल में रखा गया। इसके बाद शाम को महिला को जानी में अल्ट्रासाउंड सेंटर पर लाया गया, जहां महिला की भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से तलाशी में महिला द्वारा दिए गए 24 हजार रुपये में से 18 हजार रुपये भी बरामद हुए।
आसपास के लोगों को जानकारी नहीं
आस्था डाइग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड सेंटर किराये के भवन में सुनसान जगह पर है। आसपास रहने वालों को भी इस सेंटर के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। वाहन को सेंटर की चाहरदीवारी के अंदर ही पार्क किया जाता था।
हो गए फरार
सोनीपत टीम की डा. अनमिता कौशिक के अनुसार जानी सेंटर से पकडे़ गए सुनील और राकेश पहले मेरठ के खिवाई गांव में अल्ट्रासाउंड सेंटर चला रहे थे। जब उनके भ्रूण लिंग परीक्षण का पता स्वास्थ्य विभाग को चला तो वह दोनों रातोंरात वहां से फरार हो गए। दोनों पर सेंटर चलाने का कोई भी कागज नहीं मिला।
यह है मुखबिर योजना
मुखबिर योजना के तहत सफल डिक्वाय ऑपरेशन करने पर मुखबिर को 60 हजार रुपये, मिथ्या ग्राहक को एक लाख रुपये और मिथ्या ग्राहक सहायक को 40 हजार रुपये धनराशि पुरस्कार के तौर पर देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
हरियाणा का मुुखबिर सिस्टम मजबूत: सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मुखबिर योजना पर फिर से काम किया जा रहा है। लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। सूचना मिलने पर छापामारी की जाएगी। लिंगानुपात बढ़ाने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेरठ के मुकाबले हरियाणा का मुखबिर सिस्टम मजबूत है, इसलिए वह इस तरह के खुलासे कर रहे हैं।
खास बातें:
- मेरठ की टीम फेल, हरियाणा की टीम ने किया खुलासा
- जानी खुर्द के एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का मामला