मेरठ। अब्दुल्लापुर स्थित मिलन गार्डन कॉलोनी में अवैध कब्जा करते हुए लोगों ने बल्ला फैक्ट्री और सेफ बनाने का कारखाना बना दिया। वहीं कुछ लोगों ने मकान तक बना डाले। मंगलवार को मंडलायुक्त के आदेश पर एमडीए ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। करीब चार घंटे चली कार्रवाई के दौरान पुलिस और आरआरएफ रही।
भावनपुर थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर स्थित सनबीम इंटर कॉलेज के पीछे बनी कॉलोनी में एमडीए के जोनल अफसर कर्णवीर सिंह के नेतृत्व में टीम पहुंची। नोडल अफसर धीरज सिंह ने बताया कि करीब 25 बीघा में अवैध रूप से कॉलोनी बनाई गई है। टीम ने बुलडोजर से सड़कें, खंभे, दर्जनों प्लॉट की चारदीवारी व करीब आधा दर्जन मकान ध्वस्त कर दिए। इस दौरान महिलाओं ने विरोध किया। पुलिस व लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। इस दौरान अधिकारियों की टीम में एमडीए से अवर अभियंता राकेश पंवार, विनोद शर्मा, पीयूष त्यागी, मनोज शुक्ला आदि मौजूद रहे। सीओ सदर देहात, सीओ किठौर, भावनपुर, इंचौली, गंगानगर व परीक्षितगढ़ थाने की फोर्स और आरआरएफ रही।
हसीन अहमद पर फूटा गुस्सा
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान फरदन अली, अहसान, शहजाब व शाहनेजरा समेत आधा दर्जन लोगों के मकान ध्वस्त किए गए। इसके अलावा जाफिर की बल्लों की फैक्ट्री व रईस के अलमारी बनाने के कारखाने पर भी बुलडोजर चला। लोगों ने आरोप लगाया कि गांव के ही एक व्यक्ति हसीन अहमद ने फर्जी शिकायत की है। वहीं रईस ने आरोप लगाया कि एमडीए ने बिना नोटिस के ही कार्रवाई की है। उधर, मकानों के ध्वस्त होने के बाद वहां रह रहे परिवार सड़क पर आ गए। उन्होंने विरोध भी किया, लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक न चली।