मेरठ। रक्तदान करने के बाद आप पहले की तरह ही कामकाज कर सकते हैं। इससे शरीर में किसी तरह की कमी नहीं आती है। रक्तदान के दौरान महज 300 मिली लीटर रक्त लिया जाता है। शरीर इस रक्त की आपूर्ति महज 24 से 48 घंटे में कर लेता है। 90 दिन में एक बार रक्तदान किया जा सकता है।
खून कुदरत की अनूठी देन है और इसका कोई विकल्प नहीं है। एक बार रक्तदान कर चार जानें बचाई जा सकती हैं। एक यूनिट खून से निकाले जाने वाले कंपोनेंट लाल रक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और क्रायोप्रेसिपिटेट तमाम तरह की बीमारियों से लड़ने में मरीजों की मदद करते हैं। लोगों की जिंदगी बचाने के इसी उद्देश्य से अमर उजाला का मेगा रक्तदान शिविर बृहस्पतिवार (14 जून) को लगाया जा रहा है। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचकर रक्तदान के जरिए महादान कर सकते हैं।
रोजाना सैकड़ों लोगों को जरूरत
जिले में करीब पौने चार सौ छोटे-बड़े अस्पताल और नर्सिंग होम हैं। इनमें हर रोज सैकड़ों मरीजों को खून की जरूरत होती है। काफी मरीज ऐसे रह जाते हैं, जिन्हें खून के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे में आपका रक्तदान उनकी बचाने के काम आ सकता है। इसका महत्व हमें तब समझ आता है, जब कोई हमारा जिंदगी और मौत के बीच जूझता है और उसे खून की जरूरत होती है।
---
यह कर सकते हैं रक्तदान
उम्र 18 से 55 साल के बीच हो
हीमोग्लोबिन 12 ग्राम-डेसीलीटर हो
पल्स 50 से 100 प्रति मिनट हो
वजन 45 किलोग्राम से कम न हो
---
यह करें रक्तदान से पहले
आधा घंटा पहले किसी नशीली वस्तु, तंबाकू, सिगरेट का सेवन न करें
अधिक चाय और कॉफी न पिएं
रक्तदान से पहले भरपूर नींद लें
---
यहां लगाए जाएंगे शिविर
घंटाघर स्थित प्यारेलाल शर्मा जिला चिकित्सालय का ब्लड बैंक, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक, बागपत रोड स्थित केएमसी चिकित्सा संस्थान और मोदीपुरम स्थित कोटपाल नर्सिंग होम। इन शिविरों में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक रक्तदान किया जा सकता है।
खास बातें:
14 जून को अमर उजाला का मेगा रक्तदान शिविर