जानीखुर्द। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की जांच में मेरठ-बागपत मार्ग पर जानी गंगनहर पर बने पुल में बुधवार को कमी पाई गई है। निर्माण के एक साल बाद ही पुल की बैयरिंग लैयर टूट गई है। वहीं, साइड की रैलिंग में दरार आ गई है। पुल निर्माण में 617.67 लाख रुपये की लागत आई थी।
मेरठ-बागपत मार्ग पर जानी में गंगनहर पर लोक निर्माण विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने 21 मार्च 2015 को नए पुल का निर्माण शुरू कराया था। छह जनवरी 2018 को मुख्यमंत्री ने मेरठ आगमन के दौरान इस पुल को उद्घाटन किया था। पुल पर इससे पहले की यातायात शुरू कर दिया गया था। मेरठ-बागपत मार्ग को केन्द्र सरकार ने पिछले वर्ष नेशनल हाइवे 334 बी घोषित किया था। आजकल मार्ग को राज्य सरकार से केन्द्र सरकार अपने अधीन करने के लिए कार्रवाई कर रही है। मार्ग की मौजूदा स्थिति जानने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक निजी कंपनी एसए इन्फो स्ट्रक्चर को काम सौंपा हुआ है। बुधवार को कंपनी के कर्मचारियों ने मेरठ-बागपत मार्ग पर जानी गंगनहर पर बने पुल की जांच की। इस दौरान पुल की बैयरिंग लेयर में कई जगह दरार मिली। वहीं, पुल की रैलिंग में दरार पाई गई। कम्पनी चीफ मैनेजर विनय कृष्णा के अनुसार पुल में एक साल में ही कई जगह कमी आ गई है। यह कमियां निर्माण के दौरान खामियां बरती जाने के कारण आई हैं। वह अपनी जांच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपेंगे। कंपनी के चीफ इंजीनियर केपी सिंह के अनुसार वह मेरठ-बागपत मार्ग पर हिंडन पर बन रहे नए पुल की भी जांच करेंगे।