हेल्थ वेलनेस सेंटर के नाम से जाने जाएंगे देहात में खुले उपकेंद्र
हेल्थ वेलनेस सेंटर पर एएनएम के साथ समस्त स्टाफ की होगी तैनाती
मवाना। शहरी क्षेत्र जैसा इलाज अब देहात के लोगों को उनके ही गांव में मिल सकेगा। प्रधानमंत्री की योजना के तहत अब ब्लॉकों में हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जायेंगे। जिनके अंर्तगत सभी सेंटरों में शहरी जैसी सुविधा दी जाएगी। सुविधाओं के अभाव में अभी तक देहात क्षेत्र के लोगों को अप्रिय घटनाओं को सामना करना पड़ता था। इस योजना को कामयाब बनाने के लिए कार्य शुरू हो गया है।
देहात क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा पूरी तरह मजबूत नहीं थी, जिस कारण देहात के ग्रामीणों को शहर भागना पड़ता था। शहर के प्राइवेट अस्पतालों में ग्रामीणों की जेबें ढीली हो जाती हैं। वहीं, रुपयों के अभाव में बहुत से गरीब ग्रामीणों को अप्रिय घटना का शिकार होना पड़ता था। प्रधानमंत्री की हेल्थ वेलनेस सेंटर योजना अंर्तगत अब देहात के ग्रामीणों को भी देहात में रहकर शहर जैसा इलाज मिल सकेगा। देहात में खुले उपकेंद्रों पर हेल्थ वेलनेस योजना अंर्तगत अलग कमरा बनाकर सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के अंर्तगत जहां जिला अस्पताल एवं सीएचसी में लगने वाली भीड़ कम होगी। वहीं, ग्रामीणों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। फिलहाल शासन की ओर से जानीखुर्द, रोहटा एवं भूड़बराल में जगह को चिह्न्ति कर कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही तीन जगह की एक लिस्ट और शासन को भेजी जानी है।
केंद्र पर रहेगा समस्त स्टाफ
हेल्थ वेलनेस सेंटर योजना अंतर्गत चिह्नित जगहों पर खुले केंद्रों पर अभी समस्त स्टाफ की व्यवस्था रहेगी। अभी तक इन केंद्रों पर एएनएम ही मौजूद रहती है। अब एएनएम के साथ नर्स, गांव की आशा, आंगनबाड़ी आदि उपस्थित रहेंगी।
स्टाफ की कमी के चलते योजना को न लग जाएं पलीता
ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा बेहतर देने के लिए प्रधानमंत्री ने हेल्थ वेलनेस सेंटर की योजना लागू की है। स्टाफ की कमी के चलते इस योजना के परवान चढ़ने से पहले ही पलीता लगने का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल देहात क्षेत्रों में सेंटर खुलने से सीएचसी एवं पीएचसी में भी स्टाफ की कमी के चलते चिकित्सा सुविधाएं सही नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में यह योजना किस तरह परवान चढ़ेगी यह भी सोचने का विषय है।
सीएचसी में नहीं कोई सर्जन
सरकार जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए जहां लाखों-करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है। वहीं, देहात क्षेत्रों में खुले सीएचसी में पुरुष नसबंदी के लिए सर्जन नहीं होने के कारण सरकार के इन प्रयासों को पलीता लग रहा है। हाल ही में जनसंख्या नियंत्रण के लिए पुरुषों को जागरूक करने के लिए पोस्टर ब्वायज के नाम से एक फिल्म भी रिलीज की गई थी। हालांकि सर्जनों की कमी के चलते जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार के प्रयास कारगर साबित नहीं हो रहे हैं।
इन्होंने कहा
योजना अंर्तगत सभी ब्लॉकों में हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाने हैं। तीन जगह पर कार्य शुरू हो गया है और तीन जगह की लिस्ट भेजने की तैयारी है। इस योजना से देहात में ही लोग बेहतर चिकित्सा ले सकेंगे।-डॉ. राजकुमार, सीएमओ मेरठ
मुख्य बातें
जानीखुर्द, रोहटा एवं भूड़बराल में जगह चिह्न्ति कर कार्य शुरू
जिले में तीन अन्य स्थानों की सूची शासन को शीघ्र भेजी जाएगी