मेरठ। अगर दावों को सही मानें तो मेडिकल कॉलेज अस्पताल जल्द ही निजी अस्पतालों जैसा चकाचक नजर आ सकता है। दरअसल, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए छह करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया है। यह फंड जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
इस बजट से न सिर्फ रंगाई पुताई कराई जाएगी, बल्कि जो टाइल्स, दीवारें, छतें और फर्नीचर या सामान खराब है, उनको दुरुस्त भी कराया जाएगा। इसके अलावा मेडिकल में मरीजों की सुविधा के लिए जहां जेनेरिक दवाइयों का जन औषधि केंद्र खुलने जा रहा है। इसमें 800 तरह की दवाइयां मिलेंगी। वहीं 400 तरह की दवाइयों के टेंडर हो चुके हैं, जो जल्द आने वाली हैं। मेडिकल कॉलेज का बजट अभी तक नौ करोड़ था, अब इसे बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
सालाना छह लाख मरीज
मेडिकल कॉलेज में मेरठ जिले के अलावा आसपास के जिलों के भी मरीज आते हैं। यहां हर साल छह लाख से ज्यादा मरीज आते हैं। छुट्टियों को छोड़कर औसत ओपीडी दो हजार से ज्यादा रहती है। 25 से 30 हजार तक रोगी भर्ती किए जाते हैं। 15 से 20 हजार छोटे-बड़े ऑपरेशन किए जाते हैं।
मिलना शुरू हुआ आरओ का पानी
गर्मी में लोगों की पानी की परेशानी के मद्देनजर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने ब्लड बैंक में आरओ लगवा दिया है, जहां से मरीजों और रक्तदान करने और रक्त लेने आने वालों को आरओ का पानी मिलना शुरू हो गया। इसके अलावा एक आरओ एक्सरे विभाग में भी लगना है, जिसकी सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। फार्मासिस्ट डॉ. वाईपी सिंह ने बताया कि फिलहाल वह रूम बंद है, जहां आरओ लगना है।
बनाया जाएगा और बेहतर
मेडिकल के जीर्णोद्धार के लिए छह करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई है। इस बजट से मेडिकल कॉलेज को और बेहतर बनाया जाएगा। -डॉ. एसके गर्ग, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
खास बातें:
06 करोड़ रुपये हुए जीर्णोद्धार के लिए मंजूर
800 तरह की दवाएं मिलेंगी, 400 तरह की दवाइयों के टेंडर हुए
15 करोड़ रुपये हो गया मेडिकल अस्पताल का बजट