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वाणिज्य कर के अफसर मुख्यालय के रडार पर

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वाणिज्य कर के अफसर मुख्यालय के रडार पर
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मेरठ। टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों से वसूली न कर पाने वाले वाणिज्य कर विभाग के अफसर स्टेट जीएसटी मुख्यालय के रडार पर हैं। पांच बिंदुओं पर इनकी 25 मई को मुख्यालय पर समीक्षा होगी। अगर समीक्षा में लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में बकाया वसूली के लिए जोनल कार्यालयों में बनाए गए नोडल अफसरों को तलब किया गया है।
दरअसल, पिछले साल के मुकाबले इस बार मार्च में 44.94 करोड़ रुपये टैक्स की वसूली कम हुई है। मार्च में टैक्स का प्रतिशत 39.83 प्रतिशत घटा है। इसे लेकर मुख्यालय सख्त है। हालांकि यहां के अफसर तर्क दे रहे हैं कि कुल मिलाकर देखें तो वैट के मुकाबले पिछले नौ माह में 74.35 करोड़ रुपये ज्यादा वसूला गया है और इससे 13.32 प्रतिशत टैक्स बढ़ा है। दूसरी तरफ, सूत्रों का कहना है कि अभी ऐसे कारोबारी भी हैं, जो करोड़ों रुपये टैक्स चोरी करके विभाग को चूना लगा रहे हैं। ऐसे व्यापारियों से वसूली न कर पाने वाले अफसरों की मुख्यालय स्तर से निगरानी की जा रही है।
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वाणिज्य कर विभाग ऐसे अफसरों के कामकाज की समीक्षा करेगा, ताकि पता चल सके कि कहीं लापरवाही तो नहीं हो रही है। इतना ही नहीं, अगर वसूली में लापरवाही पाई जाती है तो अफसरों के सर्विस रिकॉर्ड में भी इसे दर्ज किया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह ने बताया कि बकाया की वसूली को लेकर यह हर महीने समीक्षा होती है। अगर किसी की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई किए जाने का भी प्रावधान है।
इन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
- अब तक कितने सरकारी, अर्द्ध सरकारी विभागों, निगमों से वसूली की गई, वसूली गई रकम और बकाया रकम का विवरण
- बकाया वसूली के लक्ष्य और पिछले साल के मुकाबले वसूली की क्या स्थिति रही। कम है तो इसकी क्या वजह रही
- एक करोड़ या इससे ज्यादा के बड़े बकायादारों की सूचना और उनसे अब तक वसूली के लिए हुए प्रयास की रिपोर्ट
- वाणिज्य कर के नोडल अफसर की तरफ से जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करके वसूली के लिए की गई कोशिशों का विवरण
- बकाया वसूली के लिए अन्य जिलों और प्रदेश में भेजी गई आरसी एवं वसूल की गई रकम का ब्योरा

खास बातें:
44.94 करोड़ की कम हुई वसूली पिछले साल के मुकाबले मार्च में
25 मई को होगी पांच बिंदुओं पर समीक्षा, लापरवाह अधिकारी नपेंगे
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