धूल भरी आंधी से आफत, बारिश से मिली राहत
मवाना। सुबह से ही भीषण गर्मी ने लोगों को पसीने से तर कर दिया, वहीं शाम के समय धूल भरी तेज आंधी ने लोगों को घर में कैद होने पर मजबूर कर दिया। आंधी के बाद आई बारिश से लोगों को राहत मिली।
मई माह में 40 के पार पारा पहुंचने के कारण लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद भी लोग दिन भर घरों में ही कैद रहे। पंखे व कूलर के सामने बैठे रहने के बावजूद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। भीषण गर्मी के कारण दिन भर बाजारों में सन्नाटा व सड़कें सूनी पड़ी रही। शाम होते-होते लोग बाजारों में निकले जरूर परंतु तेज आंधी ने उन्हें दोबारा घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। वहीं दूसरी ओर आंधी से आम की फसलों को काफी नुकसान बताया जा रहा है। किसान ओमप्रकाश का कहना है कि किसानों की गेहूं की फसल लगभग समाप्त हो चुकी है। ईंख, ज्वार, धान आदि फसलों को आंधी या बारिश से कोई नुकसान नहीं है। जबकि प्लेज वाली फसल और आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान है।
वहीं सरधना नगर व देहात क्षेत्र में रविवार को दिनभर तेज गर्मी से लोग काफी बेहाल हो गए। शाम के समय तेज हवा के साथ बारिश आई। तेज हवा के कारण आम के बागों में काफी नुकसान हुआ, कई जगहों पर पेड गिर गए और विद्युत तार टूट गए। जिस कारण नगर व देहात क्षेत्र में कई जगहों पर विद्युत आपुर्ति बाधित हो गई। वहीं बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है।
आम बाग मालिकों की उड़ी नींद
माछरा। क्षेत्र में रविवार शाम अंधड़ ने आम बाग मालिकों की नींद उड़ा दी है। आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में माछरा, भटीपुरा, हसनपुर कलां, नंगली अब्दुल्ला, कासमपुर, रछौती, अमरपुर, खंद्रावली, गोविंदपुरी, नंगली किठौर, शोल्दा, बहरोड़ा, मऊखास, सिसौली, मुंडाली, जिसोरी, जिसोरा आदि गांवों में आम के बागों में काफी नुकसान पहुंचा है। जिसमें आंधी तूफान में आम टूटकर जमीन पर गिर गए हैं। जिससे बाग मालिकों और ठेकेदारों को काफी नुकसान हुआ है। आरिफ और इस्लाम आदि ठेकेदारों का कहना है कि आम में नुकसान हो रहा है। सरकार को इसमें राहत पहुंचाकर उनकी मदद करनी चाहिए।
खास बातें:
आम की फसलों को भारी नुकसान