आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान
जानीखुर्द। दो दिन से चल रही आंधी बारिश के कारण आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। भारी संख्या में आम टूटकर बर्बाद हो गया। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। जानी ब्लाक के धौलड़ी, नानू, खानपुर, लौहड्डा, नेक, बाफर, महपा आदि गावों में सैकड़ों बीघा जमीन पर आम के बाग लगे हैं। इस बार आम की फसल अच्छी होने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन मंगलवार की रात आई आंधी-बारिश ने पैदावार को बुरी तरह से प्रभावित किया है। भारी संख्या में कच्चा आम टूटकर बर्बाद हो गया। धौलड़ी निवासी जिला पंचायत सदस्य और बाग मालिक शफीक अहमद का कहना है कि आंधी ने उनके बाग में विशेषकर आम और लीची की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। दो दिन पूर्व आई आंधी से भी नुकसान हुआ था। उसके बाद यह किसानों के लिए दूसरा झटका है। आंधी की मार ने किसान को बदहाल कर दिया है।
बाग को ठेके पर लेने वाले धौलडी निवासी अब्बास ने कहा कि इस बार आम के पेड़ों पर अच्छा बौर आया था। बार-बार आ रही आंधी सपनों पर पानी फेर रही है। गांव बाफर निवासी बाग मालिक वीर सिंह के अनुसार मंगलवार की रात को आई भयंकर आंधी से आम की फसल बर्बाद हो गई है। आम को तैयार होने में अभी तकरीबन 25 दिनों का वक्त लगना था। लेकिन आंधी ने आम बनने से पहले ही अमिया को गिरा दिया। यही हाल लीची और अन्य फसलों का भी है। आंधी के थपेड़े बागवानों की तरह किसानों के चेहरों पर भी पड़े हैं। गांव डालूहेडा, जखेडा, रावा, मोहम्मदपुर घूमी आदि में तेज आंधी से पत्तेदार हरी सब्जियां कद्दू, खीरा, लॉकी, तोरी आदि भी नहीं बच पाई हैं। किसान जबर सिंह, सोनू पूनिया, बिल्लू प्रधान, लाला रघुनाथपुर आदि ने सरकार से आंधी से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
सलावा मेें डेयरी की उड़ी टीन, कई पशु घायल
सरधना। क्षेत्र में मंगलवार की रात में आई तेज हवा के दौरान काफी नुकसान हुआ। तेज आंधी से मेरठ करनाल हाइवे पर कई जगहों पर पेड़ टूटकर गिर गए। इस दौरान कपसाड़ व सलावा नंगला आर्डर समेत कई गांव में पेड़ टूटकर जमीन पर गिर गए। इस दौरान कई जगहों पर मार्ग बाधित हो गया। सलावा में सचिन की डेयरी में दो अप्रैल को आई तेज हवा के दौरान दो कटिया डेयरी से उड़ी टीन में दबकर मर गई थी, वहीं मंगलवार की रात में आई तेज हवा में भी टीन उड़ गई और भैंस की कटिया घायल हो गई। वहीं आम के बागों में भी काफी नुकसान तेज हवा के कारण हुआ।
खास बातें:
किसानों ने की सरकार से मुआवजे की मांग