मोदीपुरम। नरेंद्र गुर्जर की मौत के मामले में 16 दिनों बाद नरेंद्र के घर पहुंचे गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। रात को भाजपा विधायक और जिलाध्यक्ष भी नरेंद्र के घर पहुंचे और सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा कराने का आश्वासन देकर नरेंद्र के दिव्यांग भाई जितेंद्र और रिश्तेदार ईश्वर का अनशन खत्म कराया।
गुर्जर महासभा के अध्यक्ष भंवर सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारी मंगलवार को नरेंद्र गुर्जर के घर पहुंचे। जहां मौजूद सपा नेता अतुल प्रधान ने महासभा को पूरे मामले से अवगत कराया। महासभा के एक पदाधिकारी ने इस मामले में राजनीति न करने की बात कही तो अतुल प्रधान ने कहा कि उनका उद्देश्य नरेंद्र गुर्जर के परिवार को न्याय दिलाना है। अगर वह परिवार को न्याय दिला सकें और उनकी मदद कर सकें तो वह परिवार के साथ हैं। परिवार के लोगों को साथ ले जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवा दें। सपा नेता ने कहा कि वह दस मई को सपा मुखिया अखिलेश यादव से परिवार को मिलवाएंगे और मदद कराएंगे। जिसको लेकर महासभा के पदाधिकारियों की अनशन स्थल पर नोकझोंक भी हुई। इस दौरान सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, जयवीर पहलवान, भोपाल सिंह, शेर सिंह, डॉ. अरुण तोमर, भूपेंद्र विधुडी, कर्मवीर गूमी, शेर सिंह गगोल, प्रवीन प्रधान, नवाब सिंह लखवाया, पं. शौकिंद्र भारद्वाज, वीरेंद्र सिंह, सुनील भड़ाना, बेगराज सिंह, कर्मबीर सिंह, नेहा गौड़, रोहताश पहलवान, गुड्डू चौधरी, राजकुमार कौरी, नितिन कटारिया आदि मौजूद रहे।
तो चुप्पी साध गए पदाधिकारी
सपा नेता अतुल प्रधान ने गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों को अवगत कराया कि नरेंद्र ही इस घर का पालन पोषण कर रहा था। उसकी ही मौत हो गई और अब परिवार परेशान है। गुर्जर महासभा को भी इसकी आर्थिक मदद करनी चाहिए। इसके अलावा जिपं. सदस्य रोहताश पहलवान और सुनील भड़ाना से भी आर्थिक मदद करने की बात कही तो वह चुप्पी साध गए। बस इतना कहकर निकल गए कि मदद की जाएगी।
रात को पहुंचे विधायक, पदाधिकारी
रात को भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, विधायक सोमेंद्र तोमर, विधायक दिनेश खटीक, गुर्जर सभा के अध्यक्ष भंवर सिंह, कर्मवीर सिंह गुमि, रोहताश पहलवान आदि नरेंद्र केे घर पहुंचे। भाजपाइयों ने आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी से बात हो चुकी है। पीड़ित पक्ष को सरकारी सहायता और आवास के साथ ही सरकारी नौकरी दिलायी जाएगी। इस मामले में न्यायिक जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई करायी जाएगी। जिसके बाद अनशन समाप्त करा दिया गया।