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जनवरी 201

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अशोक सोम
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सरधना। कोतवाली अंतर्गत नगर और देहात में ऐसे कई अतिसंवेदनशील क्षेत्र हैं जहां आए दिन आपराधिक वारदातें होती रहती हैं। वहीं, कई ऐसे भी गांव हैं जहां पर भाईचारा अब भी कायम है। यदि किसी से मनमुटाव हो भी जाए तो लोग थाने तक नहीं पहुंचते हैं। उसे मिल बैठकर सुलझा लेते हैं। वहीं, पुलिस रिकार्ड में ऐसे भी कई गांव दर्ज हैं। जिनमें आठ से दस माह के भीतर कोई आपराधिक वारदात नहीं हुई है। पुलिस इन गांवों से बच्चों के चरित्र प्रमाण पत्र एवं पासपोर्ट आदि बनवाने के लिए थाने में आने वाले लोगों को सम्मान देती है। पुलिस ऐसे गांवों के प्रधान एवं जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करने की योजना बना रही है। वहीं, पुलिस ने ग्राम वार रजिस्टर बनाए हैं। जिससे प्रत्येक गांव में अपराध का ब्योरा आसानी से उपलब्ध हो सके।
ऐसे गांव जिनमें करीब आठ से दस महीनों में कोई आपराधिक वारदात नहीं हुई है। वहीं, ग्राम स्तर पर ही पंचायत के माध्यम से छोटे-मोटे मामलों को लोगों ने आपस में मिल बैठकर सुलझा लिया। ग्रामीणों को पुलिस की मदद की जरूरत नहीं पड़ी है। ऐसे गांवों के लोगों को पुलिस सम्मान देती है। वहीं, बच्चों की नौकरी आदि के लिए चरित्र प्रमाण पत्र या विदेश में जाने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है। पुलिस इन गांव के लोगों को खास तरजीह देती है। वर्ष 2018 के चार महीने पूरे हो चुके हैं। हालांकि पंद्रह गांव ऐसे हैं जिनमें अपराध नहीं हुआ है। इनमें विधायक संगीत सोम का गांव मोमन फरीदपुर, राजपुर मोहम्मद व मोहम्मद अकबरपुर, चकबंदी आबाद, मदारपुरा, सुरानी, रतौली, दबथुवा गढ़ी, अकलपुरा, ज्वालागढ़, नाहली, पाली आदि शामिल हैं।
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वहीं, दूसरी तरफ नगर के साथ देहात क्षेत्र में ऐसे भी कुछ गांव हैं। जिनमें अपराध का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ रहा है। इनमें मुल्हैड़ा सबसे ऊपर है। जिसमें चार महीने के भीतर करीब 35 मुकदमें दर्ज हो चुके हैं। दूसरे नंबर पर बदरूद्दीननगर नानू में 17 मुकदमें दर्ज हो चुके हैं। शेष गांव में औसतन तीन से पांच तक मुकदमें दर्ज हैं। वहीं, थानाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2018 में कुल 496 मुकदमें दर्ज हुुुए। जिसमें 304 अकेले बिजली चोरी के हैं। यदि बिजली चोरी के मुकदमे अलग कर दिए जाएं तो 196 मुकदमें अन्य अपराध से संबंधित दर्ज हुए। इनमें 25 मुकदमें दहेज उत्पीड़न के हैं। अकेले नगर में 162 मुकदमें दर्ज हुए हैं।
कोतवाली पर ग्राम वार रजिस्टर बनवाया गया है। जिससे आसानी से पता चल सके कि किस गांव में कितना अपराध हुआ है। कौन सा गांव अपराध विहीन है। कोतवाली क्षेत्र में 15 ऐसे गांव हैं जिनमें इस वर्ष के चार महीने बीत जाने पर भी आपराधिक मुकदमा थाने पर दर्ज नहीं हुआ। ऐसे गांवों को शांतिप्रिय की दृष्टि से देखा जाता है।-धर्मेद्र सिंह राठौर, थाना प्रभारी सरधना
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सरधना कोतवाली अति संवेदनशील श्रेणी में शामिल है। कुछ गांव में अपराध का ग्राफ तेजी बढ़ा है। कुछ ऐसे भी गांव हैं जिनमें अपराध काफी कम है। पंद्रह ऐसे गांव हैं। जिनमें इस वर्ष कोई आपराधिक वारदात नहीं हुई। कोतवाली पर अपराध विहीन गांव का अलग से रजिस्टर बनवाया गया है। ऐसे गांव की सूची भी बनवाई जा रही है जिनमें एक या दो वर्ष से कोई अपराध नहीं हुआ है। ऐसे गांव के प्रधान और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है।-संतोष कुमार सिंह, सीओ सरधना
मुख्य बातें
पंद्रह गांवों में कोई आपराधिक वारदात नहीं हुई
ग्रामीण मिल-जुलकर ही निपटा लेते हैं आपसी मनमुटाव
पुलिस ऐसे ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करने की बना रही योजना
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