खरखौदा। थाने में करीब 21 वर्ष पहले जमा बंदूक को वारिसान लाइसेंस बनवाकर लेने पहुंचा। बंदूक जमा कराने की रसीद दिखाने पर पता चला कि बंदूक थाने के रजिस्टर में दर्ज नहीं है। अब पीड़ित बंदूक पाने के लिए थाने के चक्कर काट रहा है।
गांव खड़खड़ी निवासी सरजीत सिंह के नाम बंदूक का लाइसेंस था। उसकी मौत हो जाने पर पुत्र जन्मेजय ने 1997 में लाइसेंसी दुनाली बंदूूक थाने पर जमा करा दी थी। जन्मेजय ने बाद में पिता के लाइसेंस को 2018 में अपने नाम करा लिया। अब जन्मेजय थाने में जमा बंदूक की रसीद लेकर पहुंचा और वापस देने की मांग की। थाने के दीवान ने असलाह रजिस्टर में अंकित उस वर्ष की सभी तालिका की जांच कर ली। इस नाम की कोई बंदूक रजिस्टर में जमा नहीं मिली। थाने से बंदूक लापता होने से पुलिस में हड़कंप मचा है। उधर, थाने का चार्ज देख रहे एएसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।