सरूरपुर।
क्षेत्र पंचायत समिति (बीडीसी) सदस्य अपने अधिकारों को लेकर संगठित होने लगे हैं। ग्राम प्रधान के सामने वह अपने को छोटा महसूस कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि ब्लॉक प्रमुख चुनाव के बाद उनका राजनीतिक महत्व कम हो जाता है। ग्राम पंचायतों में उन्हें पदेन सदस्यों का दर्जा भी नहीं है। बैठक में शामिल होने का उन्हें पांच सौ रुपए भत्ता मिलता है, लेकिन बैठकों में अधिकार सीमित हैं।
वर्ष 2015 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बीडीसी सदस्यों के चुनाव हुए थे। सरूरपुर ब्लॉक में 29 ग्राम पंचायत हैं। रोहटा ब्लॉक में 61 बीडीसी सदस्यों का चुनाव हुआ। शासन द्वारा तय मानक के अनुसार 2000 की आबादी पर एक बीडीसी सदस्य का चुनाव होता है। चुनाव के बाद सदस्यों के मन में आशा आई कि उन्हें भी सरकारी कार्यों में उचित सम्मान मिलेगा। 73वें संशोधित पंचायत राज अधिनियम में भले ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अनेक अधिकार हों। वहीं, व्यवहारिक तौर पर ग्राम पंचायतों में बीडीसी सदस्यों की भूमिका सीमित है। बीडीसी सदस्य न तो अपनी अध्यक्षता में कोटेदार का प्रस्ताव करा सकते हैं और न ही ग्राम स्तर पर राशन वितरण का सत्यापन कर सकते हैं। बीडीसी की बैठक में भी अधिकारी इनकी सुध नहीं लेते हैं।
क्षेत्र के बीडीसी सदस्य जुल्फिकार, अब्दुल रहमान, बिजेन्द्र, आबिद अली, इस्तेकार खां, यामीन, मधु शर्मा, मनोज, सोनू आदि ने बताया कि प्रधान संगठन की बढ़ती ताकत को देखकर अब बीडीसी सदस्यों द्वारा भी अपना संगठन बनाने की सुबगुबाहट शुरू हो गई है। कई सदस्यों ने जानकारी दी कि जल्द ही ब्लॉक और तहसील मुख्यालय पर बीडीसी सदस्यों बैठक बुलाई जाएगी। इसमें बीडीसी सदस्य संगठन का चुनाव कराया जाएगा।
बीडीसी सदस्यों की प्रमुख मांगें
शासन द्वारा प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया जाए
बीडीसी बैठक में शामिल होने का भत्ता बढ़ाया जाए
क्षेत्र पंचायत वार्ड में विकास कराने को शासन द्वारा अलग से निधि तय हो
ग्राम पंचायत स्तर की सभी छह समितियों में नामित किया जाए
क्षेत्र पंचायत स्तर पर बनी समितियों को संविधानिक अधिकार मिले
ग्राम पंचायत के अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार मिले
राशन वितरण, बाल पुष्टाहार और मिड डे मील के सत्यापन का अधिकार मिले
कोट
क्षेत्र पंचायत सदस्यों को संविधान के अनुसार अधिकार दिए जाने चाहिए। साथ ही शासन को उनकी मांग पर विचार करना चाहिए। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों पर सरकारी हैंडपंप और रिबोर कराने का अधिकार दिया जाना चाहिए। -हरेन्द्र सिंह, ब्लॉक प्रमुख सरूरपुर
बीडीसी सदस्यों को संविधान के अनुसार पूरा सम्मान दिया जा रहा है। बीडीसी की बैठकों में सुझाव और प्रस्तावों पर पूरा अमल हुआ।
चंदन देव पांडेय, खंड विकास अधिकारी सरूरपुर