गंगा हरीतिमा अभियान अंतर्गत मखदूमपुर गंगा घाट पर वन विभाग एवं विश्व प्रकृति निधि के संयुक्त तत्वावधान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें गंगा हरीतिमा अभियान के तहत सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई तथा सफाई अभियान भी चलाया गया। इसके तत्पश्चात मां गंगा की आरती की गई।
गोष्ठी में जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा ने कहा कि गंगा के तटों व पर्यावरण को हराभरा करने के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसे गंगा हरीतिमा अभियान नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत दो योजनाओं को समाहित कर दिया गया है। जिससे गंगा के निकटवर्ती ग्रामों में हरियाली बढ़ने के साथ कृषकों की आय भी बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि मनरेगा आधारित मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना और मुख्यमंत्री फलोद्यान विकास योजना की जानकारी दी। इन योजनाओं के अंतर्गत वृक्ष लगाने वाले इच्छुक किसानों को वन विभाग निशुल्क पौधा उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा जो किसान मनरेगा पर आधारित नहीं है और पौधे लगाना चाहता है, उसके लिए वृक्ष भंडारण की व्यवस्था की गई है। इस वृक्ष भंडारण से ऐसे किसानों को निशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कृषकों को गंगा के आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व से कृषकों को अवगत कराया जाएगा। विश्व प्रकृति निधि भारत के सीनियर कोर्डिनेटर संजीव यादव ने कहा कि प्रकृति को जीवित रखने के लिए जल, जमीन और जंगल के स्वस्थ रखने की नितांत आवश्यकता है। इसलिए जल संरक्षित व स्वच्छ रखने के लिए मां गंगा को बचाना है। वहीं, जमीन और जंगल को बचाने के लिए पौधरोपण जरूरी है। इसलिए हम सभी का दायित्व बनता है कि आने वाली पीढ़ी के लिए हमें जल, जमीन और जंगल को बचाने के लिए संकल्प लेकर कड़े कदम उठाने होंगे। कार्यक्रम में मौजूद ग्राम प्रधानों ने भी विचार रखे। इस मौके पर सोमनाथ पपनेजा ने वृक्ष भंडारण के लिए अपनी ओर से तीन हजार पौधे देने की घोषणा की। इसके बाद मां गंगा की आरती की गई। जिसमें लोगों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इस मौके पर राजकुमार, लीलू, लवकुश, भजन सिंह आदि शामिल रहे।
मुख्य बातें
मखदूमपुर गंगा घाट पर वन विभाग एवं विश्व प्रकृति निधि के संयुक्त तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन