मोदीपुरम (मेरठ)। कक्षा नौ की छात्रा ने परीक्षा के तनाव में सोमवार सुबह आत्महत्या करने की कोशिश की। पहले जहर खाया और फिर पिता की लाइसेंसी पिस्टल से गोली मार ली। परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन के बाद पेट से गोली निकाली गई। बाद में उसे मिलिट्री अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।
इंस्पेक्टर पल्लवपुरम दिलीप शर्मा के अनुसार थाना क्षेत्र निवासी यह किशोरी केंद्रीय विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा है। जिसके पिता सेना में सिपाही हैं और जबलपुर में तैनात हैं। बीती 27 मार्च को छात्रा फेल होने पर अवसाद में चल रही थी। छात्रा ने दोबारा से परीक्षा भी दी थी, जिसका आज सोमवार को ही रिजल्ट आना था। फेल होने के डर से वह तनाव में थी।
इंस्पेक्टर ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे छात्रा की मां अपनी दूसरी बेटी और बेटे को स्कूल बस में बैठाने के लिए मोदीपुरम बाईपास तक गई थी। छात्रा घर पर अकेली थी। इस दौरान छात्रा ने पहले जहर खाया और फिर पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। कुछ देर बाद घर लौटी मां ने बेटी को लहूलुहान हालत में तड़पते देखा तो उसकी चीख निकल गई। छात्रा बेड के नीचे पड़ी थी और उसके मुंह से झाग आ रहे थे। चीख सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने छात्रा को स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
पेट में फंसी गोली
छात्रा का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि गोली छात्रा के पेट में फंसी रह गई थी। छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसका तत्काल ऑपरेशन कर गोली निकाली गई। जिसके बाद दोपहर को उसकी हालत में थोड़ा सुधार आया।
मजिस्ट्रेट ने दर्ज किए बयान
पुलिस की सूचना पर अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम ने अस्पताल पहुंचकर छात्रा के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार छात्रा ने खुद को रिजल्ट के चलते डिप्रेशन में आना बताया। छात्रा के पिता के बारे में पूछा गया तो बताया गया कि वह जबलपुर से मेरठ के लिए रवाना हो गए हैं।
जहर और गोली में पुलिस उलझी
पुलिस के अनुसार छात्रा द्वारा पहले जहर खाना और फिर खुद को गोली मार लेना उलझा रहा है। छात्रा ने घर में ही रखा कोई विषाक्त पदार्थ खाया या फिर बाजार से लेकर आई। इसकी भी जांच की जा रही है कि लाइसेंसी पिस्टल को कैसे सेफ कस्टडी में नहीं रखा गया और वह कैसे किशोरी छात्रा के हाथ लग गई।
पता नहीं किया रिजल्ट
इस घटना से परिजन इस कदर बदहवास हो गए कि उन्होंने विद्यालय से पता नहीं किया कि छात्रा का रिजल्ट क्या रहा। परिजनों ने इस बारे में बाद में बात करने को कहा।
नहीं दी तहरीर
इंस्पेक्टर पल्लवपुरम के अनुसार छात्रा के परिजनों ने इस संबंध में तहरीर नहीं दी है। लेकिन पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। अभी की जांच में छात्रा द्वारा रिजल्ट के तनाव में इस घटना को अंजाम देना सामने आया है।