मोदीपुरम। महापौर सुनीता वर्मा ने भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधा है। कहा कि यदि उनके पति योगेश वर्मा की दो अप्रैल के उपद्रव से पहले गांवों में घूमने की बात सही है कि पुलिस साजिश रचने की ऑडियो या वीडियो सार्वजनिक करे। उन्हाेंने एसएसपी पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया।
बुधवार को अपने आवास पर प्रेस वार्ता में सुनीता वर्मा ने आरोप लगाया कि शहर में दलित महिला के मेयर बनने के बाद से भाजपाई परेशान हैं, जो पद छीनने के लिए पुलिस-प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। कहा जा रहा है कि एक अप्रैल को उनके पति के फोन की लोकेशन गांव सौंदत्त में थी। क्या कोई व्यक्ति किसी गांव में नहीं जा सकता। योेगेश तो वहां एक मुस्लिम परिवार के शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इसकी जांच कर ली जाए। यदि उनके और उनके पति के खिलाफ प्रशासन पर उपद्रव का षड्यंत्र रचने का कोई ऑडियो-वीडियो है तो सार्वजनिक करें।
जेल प्रशासन नहीं मानता प्रोटोकॉल
आरोप है कि योगेश वर्मा पर जेल में जुल्म हो रहा है। समर्थकों को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। वह तीन अप्रैल को जेल गईं तो उनके प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा गया। जिसके चलते वह दोबारा पति से मिलने नहीं गईं। महापौर के प्रोटोकॉल के तहत तत्काल मुलाकात होनी चाहिए। लेकिन भाजपाइयों के इशारे पर तीन-तीन घंटे तक इंतजार कराया जा रहा है।
कभी गाड़ी तो कभी गनर ले लेते हैं
आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा उन्हें गाड़ी भी मुहैया नहीं कराई गई। वह गाड़ी के लिए भी इधर-उधर से इंतजाम कर रही हैं। प्रशासन द्वारा उनके पति की चारों गाड़ियों को सीज कर दिया गया है। हाल ही में गनर भी वापस ले लिया गया था। जबकि पूर्व मेयर द्वारा उसका भुगतान किया गया या नहीं, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी। कहा कि मैं भाजपा या पुलिस-प्रशासन से डरने वाली नहीं। योगेश निर्दोष हैं। वह लड़ाई जारी रखेंगी।
- महापौर सुनीता वर्मा ने प्रेस वार्ता में साधा भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर निशाना