मेरठ। 75 केंद्रों पर बुधवार को आयोजित बीएड प्रवेश परीक्षा ने शहर को जाम कर दिया। ट्रैफिक पुलिस के इंतजाम भीड़ के आगे बौने साबित हुए।
75 केंद्रों पर परीक्षा के लिए 37 हजार 500 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। लेकिन 33 हजार 365 परीक्षा देने पहुंचे। नौ जिलों के अभ्यर्थी शहर में पहुंचे थे। इनमें से अधिकांश के साथ उनके अभिभावक थे। जिनकी संख्या ही करीब 50 हजार रही होगी। इस तरह करीब 87 हजार से अधिक भीड़ शहर में बढ़ गई थी। लोकल अभ्यर्थी बाइकों से आए थे जबकि बाहरी चार पहिया वाहनोें से भी केंद्र पर पहुंचे। ऐसे में करीब 20 हजार वाहन शहर में बढ़ गए थे। यातायात पुलिस ने जाम से निबटने के लिए इंतजाम किए थे। लेकिन इसके बावजूद दोनों पालियों में परीक्षा खत्म होने के बाद शहर जाम से जूझा।
दरअसल कई केंद्र हापुड़, गढ़, दिल्ली रोड पर मुख्य मार्गों पर थे। कुछ शहर के बीचों बीच मुख्य बाजारों में थे। एक सेंटर पर 500 से 800 तक अभ्यर्थी थे। ऐसे में सुबह और शाम दोनों पालियों में परीक्षा खत्म होने के बाद छात्र और उनके अभिभावकों की भीड़ सड़कों पर उमड़ी तो जाम लग गया। बुढ़ाना गेट, वेस्ट एंड रोड, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड ,लालकुर्ती ,बेगमपुल में जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए थे। तीन सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो टीएसआई, सहित करीब 120 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। सिविल पुलिस सेंटर के अंदर की व्यवस्था संभालने में लगी थी।
रविवार को कराते परीक्षा
बुधवार को स्कूल कालेज और सरकारी दफ्तर भी खुले थे। जिस कारण पहले से ही सड़कों पर खासी भीड़ थी। ऊपर से प्रवेश परीक्षा के कारण लोड बढ़ गया। इसी वजह से जाम के हालात बने। जाम में फंसे लोग भी कहते सुने गए कि सरकार को इस तरह की परीक्षाएं तो रविवार को ही करानी चाहिए। इस बार सेंटर भी अलग-अलग जिलों में नहीं बनाए गए थे। ये भी शहर में भीड़ बढ़ने की वजह थी।
परीक्षा
शहर में सेंटर - 75
परीक्षार्थी देने आए अभ्यर्थी - 33,350
साथ आए अभिभावक (अनुमानित) 50,000
बढ़ी वाहनों की संख्या (अनुमानित) 20,000
बड़ी समस्या नहीं रही
परीक्षा की वजह से ट्रैफिक पुलिस ने पहले ही पुख्ता इंतजाम किए थे। पेपर खत्म होने के बाद छात्रों के बाहर निकलने पर भीड़ लगती है। लेकिन कहीं से भी बड़ी समस्या सामने नहीं आई। -संजीव वाजपेयी एसपी ट्रैफिक