मवाना शुगर मिल द्वारा बुधवार को आयोजित किसान गोष्ठी में विधायक दिनेश खटीक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों का पूरा गन्ना खत्म नहीं हो जाएगा, तब तक मिलें बंद नहीं होंगी। वहीं, उप गन्ना आयुक्त ने किसानों को बताया कि एक सप्ताह के अंदर जिन किसानों का गन्ना बचा हुआ है उनके लिए एंग्रीमेंट चालू हो जाएंगे तथा ओवरलोड अब आगे से नहीं कटेगा।
मवाना शुगर मिल में आयोजित किसान गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि दिनेश खटीक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि शायद ही कोई और जनप्रतिनिधि पहले इस प्रकार किसानों की समस्याओं की समाधान के लिए अधिकारियों और मिल वालों को लेकर उनके बीच में आया हो। वह किसान की पीड़ा को समझते हैं, इसलिए किसानों के बीच आए हैं। किसानों की समस्याओं का समाधान कराने की जिम्मेदारी सरकार और उनकी है। पहले की सरकारों के समय किसान बेहाल रहा है। हालांकि मोदी और योगी की सोच किसानों के प्रति है। उन्होंने वहां उपस्थित उप गन्ना आयुक्त से कहा कि वे किसानों को बताएं कि कब से एग्रीमेंट चालू होगा। उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा।
उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि इसी सप्ताह किसानों के एग्रीमेंट शुरू हो जाएंगे साथ ही रिकलेंडरिग का कार्य शुरू कर दिया गया है। किसानों की मांग पर उन्होंने कहा कि जो ओवरलोड कट चुका वह कट चुका, आगे नहीं कटेगा। वहीं उन्होंने कहा कि इस बार उत्पादन दोगुना है तो इसको डालने के लिए समय भी तो चाहिए। यदि मिल ठीक से पेराई नहीं कर रहा होता, तो मिल के खिलाफ भी कार्रवाई होती। जिनकी पर्ची नीचे लगी हैं उन्हें रिकलेंडरिंग कराया जा रहा है। छोटे-बडे़ सभी किसानों का ध्यान रखा जा रहा है। जल्द ही खेतों का आंकलन कर किस किसान को कितनी पर्ची चाहिए, वे दी जाएंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्रय केंद्रों की मानीटरिंग की जा रही है। मिल के गन्ना महाप्रबंधक प्रमोद बालियान ने भी कहा कि मिल पूरी क्षमता से कार्य कर रही है। बीते वर्ष की अपेक्षा अभी तक 27 लाख कुंतल अधिक गन्ने की पेराई करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अभी मिल एक माह और चलेगी। वे किसान की समस्या से वाकिफ हैं। बीते पांच छह साल से फैक्ट्री विकट परिस्थितियों से गुजरी है। बीते वर्ष से गन्ना भुगतान में भी सुधार हुआ है। अब मिल छह जनवरी तक का भुगतान कर चुकी हैं। मिल के पास पर्याप्त चीनी तथा बिजली है। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ की देनदारी है तथा 208 करोड़ की माल फैक्ट्री के पास है। यदि उनकी भी लिमिट बन जाती है तो उनको भी भुगतान करने में मदद मिल जाएगी। वे भी इसके लिए पात्र हैं। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे चेयरमैन विनोद भाटी ने संबोधन में कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान आज नहीं हुआ तो कभी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसान निराश न हों, भुगतान की स्थिति भी पहले से बेहतर है। गोष्ठी में मिल अधिकारियों के साथ-साथ जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला, गन्ना समिति प्रमोद शर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।
गोष्ठी में स्थिति हाथापाई तक जा पहुंची
बिजेंद्र सिंह धनपुरा ने कहा कि पहले गन्ना गिरवा लो। उन्होंने कहा कि चाहे भुगतान अगले सीजन में दे देना। विरोध के स्वर उभर गए तथा कई किसान इसका विरोध करते हुए मंच तक जा पहुंचे तथा माइक छीन लिया। हालात हाथापाई तक जा पहुंचे। स्थिति विकट होते देख विधायक दिनेश खटीक स्वयं पहुंचे तथा किसानों को शांत किया। हंगामे के चलते बिजेंद्र सिंह अपनी बात तक पूरी नहीं कर सके। वहीं, विधायक ने कहा कि क्या हमने किसानों की समस्या का समाधान करने का बीड़ा उठाकर गलती की है, तो आगे से नहीं करेंगे। हंगामा उस समय बमुश्किल शंात हुआ जब मिल की ओर से गोष्ठी स्थल पर ही नाश्ता बंटना शुरू हो गया।
किसान गोष्ठी में कई बार हंगामे के हालात हुए। बमुश्किल विधायक दिनेश खटीक ने शांत किया। अधिकतर किसानों ने पर्ची तथा भुगतान की समस्या को रखा। एक किसान ने तो यहां तक आरोप लगाया कि कुछ किसानों को उनकी मर्जी के अनुसार गन्ना डालने के लिए पर्चियां मिल रही हैं। कुछ ने पैसे देकर पर्ची देने का आरोप लगाया। कुछ किसानों ने कुछ ऐसे बांड के नंबर भी दिए जिनको उनकी मनमर्जी से पर्ची मिल रही हैं। जिस पर उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने आश्वासन दिया कि इनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विधायक के जाते ही गोष्ठी खत्म
किसान नेता हरवीर सिंह ने अंत में कहा कि गन्ने के साथ-साथ भुगतान भी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम पर चीनी मिल का बिजली का करोड़ों रुपया बकाया है। यदि सरकार वह दिला दे तो किसानों का भुगतान हो जाएगा। इस पर विधायक दिनेश खटीक यह कहकर गोष्ठी छोड़कर चले गए कि ये बातें राजनीतिक मंच पर कीजिए। यह राजनीतिक मंच नहीं है। इसके बाद गोष्ठी समाप्त हो गई।
मुख्य बातें
चीनी मिल में किसान गोष्ठी में गन्ना किसानों का एग्रीमेंट और रीकलेंडरिंग जल्द शुरू कराने का दिया आश्वासन
हंगामे के चलते हस्तिनापुर विधायक गोष्ठी बीच में ही छोडकर चले गए