एएस इंटर कॉलेज मवाना द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशा निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ के तत्वावधान में शनिवार को आपदा पीड़ितों की विधिक सहायता विषय पर साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। इसमें जनपद न्यायाधीश आलोक सक्सेना ने आपदा उपरांत होने वाली परेशानियों एवं उनके समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उत्सव मंडप में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश आलोक सक्सेना ने संबोधित करते हुए आम जनमानस को आत्मनिर्भर होने पर बल दिया। आपदा के उपरांत फैली अव्यवस्था से निजात पाने के लिए केवल प्रशासनिक एवं न्यायिक तंत्र पर निर्भर रहना ही काफी नहीं है। इसके लिए पीड़ितों को आत्मनिर्भर होना अनिवार्य है। यदि आम जनमानस जागरुक रहें तो समस्याओं से समय रहते निजात पाई जा सकती है।
जिला सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. दिनेश चंद शुक्ला ने कहा कि भारत का 52 फीसदी भाग भूकंप प्रभावित क्षेत्र में आता है। प्रतिवर्ष भारत में किसी ने किसी राज्य में बाढ़, सूखा, जलीय चक्रवात या भूकंप किसी एक से प्रभावित रहता है। जिससे जनहानि, मवेशी हानि आदि होती है। उन्होंने आपदा पीड़ितों की विधिक सहायता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, अपर जनपद न्यायाधीश अरविंद पांडेय, सिविल जज सीनियर डिविजन पूजा विश्वकर्मा, सिविल जज सीनियर डिविजन अभय प्रकाश नारायण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामानंद, प्रधानाचार्य अशोक कुमार, प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार, समाजसेवी अनुराग दुबलिश ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। एएस इंटर कॉलेज के छात्र अमरदीप ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों को सम्मान प्रतीक स्मृति चिह्न भेंट किए। कार्यक्रम में सीओ यूएन मिश्र, नरेंद्र कुमार रस्तोगी, बीके शर्मा, डालचंद चौहान, जेपी गोयल, मीनाक्षी, मनोज कुमार, अनुराग चौधरी, प्रसोत कुमार, विमल कुमार, कपिल, बलराज सिंह, निपेंद्र भटनागर, महावीर सिंह शर्मा, सुनील गिरी, विशेष रस्तोगी आदि उपस्थित थे।
मुख्य बातें
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ के तत्वावधान में विधिक सहायता शिविर