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जान पर खेली यूपी 100 पुलिस, बचाईं तीन जिंदगियां

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मोदीपुरम/मेरठ। पति हत्या के मामले में पांच साल से जेल में बंद है। मंदबुद्धि देवर और दो बच्चों के परवरिश की जिम्मेदारी उसके सिर पर है। लेकिन आर्थिक तंगी ने तोड़कर रख दिया। सोमवार को महिला ने दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या करने का फैसला कर लिया और दौराला में रेलवे ट्रैक पर जाकर बच्चों के साथ लेट गई। इस दौरान ट्रेन भी सामने थी। लेकिन यूपी 100 पुलिस ने जान पर खेलकर तीनों जिंदगियां बचा लीं।
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यह है मामला
पुलिस के अनुसार पावली खास मोदीपुरम निवासी बुद्ध प्रकाश ने करीब 10 साल पहले लखनऊ निवासी ज्योति उर्फ गुलसना से लव मैरिज की थी। करीब पांच साल पहले घरेलू विवाद में बुद्ध प्रकाश ने अपने पिता की हत्या कर दी थी। पति के जेल जाने के बाद से मंद बुद्धि देवर व दो मासूम बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी ज्योति पर आ गई। आर्थिक तंगी के कारण वह काफी परेशान थी।
मौत ही दिखा आसान रास्ता
सोमवार मध्याह्न करीब 4:30 बजे ज्योति दोनों बेटों मिंटू (5 वर्ष) और बिट्टू (3 वर्ष) को लेकर कृृषि विवि के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। मेरठ से मुजफ्फरनगर जा रही एक ट्रेन को आता देख वह ट्रैक पर लेट गई। इस बीच सूचना पर यूपी 100 पुलिस की गाड़ी पर तैनात एसआई सुदेश कुमार, कांस्टेबल अनुज कुमार व मनोज कुमार मौके पर पहुंच गए। ट्रेन के पास आते ही तीनों पुलिस कर्मियों ने महिला व बच्चों को ट्रैक से हटाने का प्रयास किया। जिस पर ज्योति एक बच्चे को गोद में लेकर ट्रेन की तरफ दौड़ पड़ी।
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पीछे दौड़ा सिपाही
महिला को ट्रेन की ओर दौड़ता देख सिपाही अनुज कुमार हिम्मत दिखाते हुए महिला के पीछे भागा और जान जोखिम में डालते ही ट्रेन के गुजरने से ठीक पहले ही महिला और बच्चे को ट्रैक से बाहर खींच लिया। इस दौरान सिपाही घायल भी हो गया। बाद में महिला और बच्चों को थाना दौराला लाया गया।
साहस की हुई प्रशंसा
सूचना पर सीओ दौराला पंकज सिंह, लोकदल नेत्री सर्वेश पुंडीर, ग्राम प्रधान भराला उपेंद्र चौधरी, मल्हू सिंह आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. नीरा तोमर आदि गण्यमान्य थाना दौराला पहुंचे। सभी ने पुलिसकर्मियों के साहस की प्रशंसा की। सीओ ने बताया कि पुलिस की तरफ से ज्योति को एक माह का राशन दिया जा रहा है। गण्यमान्य लोगों ने भी हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।
कैसे कराऊं जमानत
सीओ के पूछने पर ज्योति ने बिलखते हुए कहा कि हम तो दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। ऐसे में पति की जमानत के पैसे कहां से लाऊं। पति के जेल जाने के बाद से गांव के लोग परेशान करते हैं। जिंदगी से परेशान होकर मैं बच्चों के साथ ट्रेन से कटने पहुंची थी।
शुक्र है पास थी पुलिस
यूपी 100 पुलिस की गाड़ी हाइवे पर कृषि विश्वविद्यालय के पास तैनात रहती है। पास ही रेलवे ट्रैक है। गनीमत रही कि महिला को बच्चों के साथ ट्रैक पर लेटा देख राहगीरों ने यूपी 100 पुलिस को दे दी थी। इसलिए हाइवे पुलिस समय से मौके पर पहुंच गई।
एसएसपी से प्रशस्ति पत्र की संस्तुति
सीओ दौराला पंकज सिंह के अनुसार यूपी 100 पुलिस ने जान पर खेलकर तीन जिंदगी बचाई हैं। एसएसपी से इनके लिए प्रशस्ति पत्र की संस्तुति की जा रही है। महिला का पति जेल में बंद है। महिला को समझाकर घर भेजा गया है। उसकी मदद के लिए सामाजिक संगठनों से भी आह्वान किया गया है।
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खास बातें:
आत्महत्या के इरादे से दौराला में रेलवे ट्रैक पर दो बच्चों के साथ लेटी महिला
पति हत्या में जेल में बंद, मंदबुद्धि देवर और दो बच्चों की जिम्मेदारी सिर पर
आर्थिक तंगी से परेशान होकर किया जान देने का फैसला, बचाने में सिपाही चोटिल
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