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जिला गन्ना अधिकारी की जांच में मिल के कांटे में नही मिली घटतोली

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रोहटा।
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बजाज शुगर मिल किनौनी गेट पर बृहस्पतिवार रात तौल लिपिक द्वारा घटतौली को लेकर किए हंगामे का पटाक्षेप नहीं हुआ तो सुबह में जिला गन्ना अधिकारी एवं वरिष्ठ बाट एवं माप निरीक्षक टीम के साथ मिल पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की गहनता से जांच की। जिसमें तौल लिपिक द्वारा लगाए आरोप निराधार पाए गए। शुक्रवार को जांच में टीम को घटतौली नहीं मिली।
गौरतलब है कि किनौनी स्थित बजाज शुगर मिल क्षेत्र के गांव मिलाना गन्ना क्रय केन्द्र पर गांव किनौनी निवासी बालिस्टर गुर्जर तौल लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। वह बृहस्पतिवार को गन्ना क्रय केंद्र पर खरीद किए ट्रक में गन्ना भरकर धर्मकांटे पर तुलवाकर लाया। जिसमें धर्मकांटे एवं मिल कांटें की तौल में साढे़ चार कुंतल का अंतर पाया। तौल लिपिक बालिस्टर गुर्जर ने रात में मिल के गेट पर संचालित कांटों में घटतौली का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। वहीं, गांव से कुछ लोगों को भी बुला लिया। तौल लिपिक ने देर रात में ही उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह से घटतौली की शिकायत की। इस पर मलियाना गन्ना समिति के सचिव डा. सचिन कुमार एवं डिप्टी सुनील कुमार मिल में पहुंचे और हंगामा कर रहे तौल लिपिक तथा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर काटों की जांच की। जिसमें उक्त ट्रक के वजन को मिल के अलग-अलग आठ कांटों के अतिरिक्त चीनी के बोरे तौलने वाले कांटों पर भी तौला तो कोई अंतर नहीं मिला। टीम द्वारा की गई जांच से तौल लिपिक संतुष्ट नहीं हुआ। जिला गन्ना अधिकारी तथा बाट एवं माप निरीक्षक को बुलाने के लिए अड़ गया। उसी समय निर्णय किया गया कि चल रही कार्रवाई को रोक दिया जाए। इस पर रात में करीब तीन बजे टीम लौट गई। शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे जिला गन्ना अधिकारी आंनद कुमार शुक्ला वरिष्ठ बाट एवं माप निरीक्षक अजय कुमार विक्रम टीम के साथ मिल गेट पर पहुंचे। उक्त ट्रक को मिल गेट पर लगे कांटों पर बाट रखकर अलग-अलग जांच की। इसमें कोई अंतर नहीं मिला। इसके बाद भी तौल लिपिक संतुष्ट नहीं हुआ। ट्रक को वापस धर्मकांटे पर तौल कराने का निर्णय किया गया। जिस धर्मकांटे पर रात में ट्रक तौला गया था वह धर्मकाटा बंद मिला इसके बाद टीम अलग-अलग तीन अन्य धर्मकांटों पर तौल कराने के लिए ले गई। जब तौल की तो उन कांटों में भी मात्र 50 से 60 किलो का आपस में अंतर पाया गया। यहां साढे़ चार क्विंटल की घटतौली नहीं मिल पाई। इसके बाद टीम ने पूरे मामले को जिले के आला अधिकारियों को अवगत कराया और जांच रिपोर्ट तैयार की।
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अन्य तौल लिपिक भी कार्य बहिष्कार कर मिल में पहुंचे
घटतौली की खबर शुक्रवार को अखबारों में आने के बाद मिल के बाह्य क्रय केन्द्रों पर तौल करने वाले काफी लिपिक कार्य बहिष्कार कर मिल पर ही पहुंच गए और हंगामा करने पर आमादा दिखाई दिये। अन्य तौल लिपिक भी जांच के समय मिल में ही जमे रहे। हालांकि बाद में टीम को घटतौली नहीं मिली तो तौल लिपिक बमुश्किल शांत हुए। तौल लिपिकों ने टीम के सामने ही धमकी दी कि यदि घटतौली मिलती है तो सभी तौल लिपिक कार्य बहिष्कार कर मिल गेट पर धरना देंगे।
समस्या सुनकर समाधान कराएं
घटतौली मामले में 16 घंटे चली कार्रवाई में बाद अधिकारियों ने पाया कि तौल लिपिकों एवं मिल प्रबंधन के बीच कुछ मतभेद हैं। उन्हें दूर करने के लिए जिला गन्ना अधिकारी ने मिल के जीएम केन कुलदीप राठी को बुलाकर के समस्याएं सुनकर उनका समाधान करने की बात कही। इसके बाद टीम मेरठ के लिए रवाना हो गई।
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यूनिट हेड का ये है कहना
मिल के यूनिट हेड केपी सिंह का कहना कि घटतौली नहीं हो रही है। जिन लोगों ने मिल में ठेके लेने के लिए कुछ माह पूर्व गोली चलाई थी। वे बाद में जेल चले गये थे। अब वे ही लोग फैसले का दबाव बनाने के लिए साजिश रचकर मिल प्रबंधन को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। कभी प्रदूषण तो कभी रास्ते में जाम लगा होने की भ्रामक सूचना देकर अधिकारियों को आए दिन परेशान कर रहे हैं। घटतौली को लेकर जो हंगामा कराया गया है। यह भी उनके द्वारा ही प्रायोजित था।
मुख्य बातें
जिला गन्ना अधिकारी और बाट एवं माप निरीक्षक ने की कांटों की जांच
चीनी मिल प्रबंधन ने साजिश रचकर लगाया आरोप
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