भारतीय किसान यूनियन की मवाना शाखा ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर महिलाओं के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरूकर दिया है। धरनारत तहसील अध्यक्ष नरेश चौधरी का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा धरना जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन ने खेतों में घूम रहे आवारा पशुओं द्वारा नष्ट हो रही फसलों को रोकने के लिए आवारा पशुओं को पकडे़ जाने, गन्ने का भुगतान नियमानुसार 14 दिन में किए जाने, तीन माह पहले मंडलायुक्त से कई गांवों में मानक के अनुरूप शौचालयों का निर्माण नहीं होने, तालाबों को कब्जा मुक्त कराए जाने आदि की शिकायत की थी। जिसकी जांच तहसील में लंबित पड़ी है। उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा बिजली की दरों में बेतहाशा वृद्धि की है। उनको कम किए जाने की मांग को लेकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ठंड के मौसम में तहसील परिसर में टिन शेड के नीचे धरना शुरू कर दिया है। तहसील अध्यक्ष नरेश चौधरी का कहना है कि जब तक उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं होता है धरना जारी रहेगा। इसमें ब्लॉक अध्यक्ष इमरान खान, हस्तिनापुर ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र सिंह चाहल, जगबीर सिंह सैदीपुर, अमित, राज सिंह, तेजपाल सिंह, रघुवीर, मनोज, ऋषिपाल, पप्पू दरोगा तथा महिलाएं आदि थे।
धरने पर नहीं पहुंचा कोई अफसर
धरनारत भाकियू कार्यकर्ताओं तथा महिलाओं से वार्ता करने के लिए पूरे दिन कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। तहसील अध्यक्ष नरेश चौधरी का कहना है कि अधिकारी वार्ता करना तो दूर धरनारत किसानों की ओर से मुंह फेरकर निकल गए। वहीं, कार्यकर्ताओं और किसानों ने भोजन के लिए तहसील परिसर में भट्ठी चालू कराकर कढ़ाई चढ़वा दी। धरनारत कार्यकर्ताओं ने वहीं बैठकर भोजन किया। ठंड से बचने के लिए लिहाफ एवं गद्दों का इंतजाम किया।