अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। एक वर्ष से महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से सूना पड़े महिला चिकित्सालय में शासन के आदेश पर तैनाती की गई है। हालांकि शासन के इस आदेश के बावजूद फिर छह माह के लिए महिला चिकित्सालय सूना होने वाला है। दरअसल महिला चिकित्सक को छह माह की ट्रेनिंग के लिए जिला अस्पताल भेजा जायेगा।
बताते चलें कि मवाना सीएचसी परिसर स्थित महिला अस्पताल से लगभग एक साल पहले महिला चिकित्सक डॉ. सुमन का स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद से ही में महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी थी। इसके चलते यहां डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को लौटना पड़ता था। सीएचसी के चिकित्सक अधीक्षक के प्रार्थना पत्र के बाद शासन ने यहां पर डॉ. श्वेता चौहान की तैनाती मंगलवार को की। उनके साथ निश्चेतक (बेहोश करने वाला) चिकित्सक डॉ. आजाद वीर की भी तैनाती की गई है। तैनाती होते ही विभाग के अधिकारियों ने एक अप्रैल से एक अक्तूबर तक के लिए दोनों को जिला अस्पताल में ट्रेनिंग करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। जिस कारण जल्द ही दोनों चिकित्सकों के ट्रेनिंग पर चले जाने के कारण दोबारा से महिला चिकित्सालय सूना हो जायेगा। मवाना चिकित्सक अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि एक साल बाद महिला चिकित्सक की तैनाती की गई है। वह अधिकारियों से बात कर महिला चिकित्सक को यहां से भेजने के लिए प्रार्थना पत्र भेजेंगे। जिससे यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को समय से उपचार मिल सके।
बायोमेडिकल वेस्ट के लिए बनेंगे अलग रूम
सीएचसी मवाना के चिकित्सक अधीक्षक डॉ. अरुण के प्रयास के बाद आखिरकार सीएचसी मवाना में बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अलग से कमरे तैयार किए जायेंगे। इनके निर्माण के लिए बुधवार से कार्य शुरू करा दिया गया है। बुधवार को सीएचसी में ईंट पहुंचने के साथ-साथ कमरा बनाने से पहले डस्टबिन रखने के लिए गड्ढों की खुदाई का कार्य किया गया। डॉ. अरुण ने बताया कि अभी तक सीएचसी से निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट इधर-उधर पड़ा रहता था। जिस कारण यहां हर वक्त गंदगी पसरी रहती थी। साथ ही लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती थी। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से बायोमेडिकल वेस्ट के लिए अलग कमरा बनाने के लिए प्रस्ताव रखा था। मंजूरी पहले मिल चुकी थी, लेकिन कार्य बुधवार से शुरू किया गया। अब बायोमेडिकल वेस्ट के कचरे को लेने आने वाली गाड़ी यहां आकर डस्टबिन से कचरा उठाकर ले जायेगी।
मुख्य बातें
एक वर्ष बाद बीते मंगलवार को महिला चिकित्सक एवं एनेस्थिसिया चिकित्सक की हुई तैनाती
दोनों को एक अप्रैल से छह माह की ट्रेनिंग के लिए जाना होगा महिला जिला अस्पताल