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मेडिकल में तीन साल से खराब रेडियोथेरेपी मशीन

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मेडिकल में तीन साल से खराब रेडियोथेरेपी मशीन
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मेरठ। कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में इनको इलाज नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल में तो इलाज है ही नहीं, जबकि मेडिकल कॉलेज में भी बीते साल सिर्फ 24 लोगों को ही इलाज मिल सका। जबकि यहां से हर माह करीब 100 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। दरअसल, मेडिकल में बीते साढ़े तीन साल से रेडियोथेरेपी की मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में कैंसर के मरीजों को सरकारी अस्पताल में सस्ता इलाज नहीं मिल पा रहा है।
कैंसर के मरीजों की कीमोथेरेपी तो मेडिकल कॉलेज में हो जाती है, मगर रेडियोथेरेपी के लिए दिल्ली रेफर करना पड़ता है। लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल चार फरवरी को पूरे विश्व में कैंसर दिवस मनाया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल 76 लाख लोग कैंसर से दम तोड़ते हैं। वर्ष 2025 तक कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों में 25 प्रतिशत कमी के लक्ष्य को हासिल किया जाए तो विश्व में हर साल 15 लाख लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।
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तीन करोड़ का आएगा खर्च
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि रेडियोथेरेपी मशीन को सही कराने के लिए कई बार शासन को मांग पत्र भेजा जा चुका है। अब फिर रिमाइंडर भेजा गया है। इसमें करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
लगातार बढ़ रहे कैंसर के मरीज
वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. उमंग मित्तल बताते हैं कि करीब 10 साल पहले उनके पास अगर कैंसर के 30 प्रतिशत मरीज आते थे तो अब 80 से 90 प्रतिशत आते हैं। यानि संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। हालांकि इसकी एक वजह यह भी है कि अब लोगों में पहले के मुकाबले कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
हर माह आ रहे 80 से 100 कैंसर के मरीज
मेरठ में हर माह करीब 80 से 100 नए कैंसर के मरीज आते हैं। इनमें 40 से 50 तंबाकू उत्पाद के कारण कैंसर से पीड़ित होते हैं। 75 प्रतिशत लोगों को 14-15 साल की उम्र यह लत लग जाती है। उन्होंने बताया कि पुरुषों में मुख कैंसर, फेफड़े के कैंसर और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर ज्यादा हो रहे हैं।
- डॉ. उमंग मित्तल, कैंसर रोग विशेषज्ञ
पास में कोई धूम्रपान कर रहा हो तो करें मना
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहने वालों को भी इससे आंख, गले, नाक में जलन की तकलीफ होती है। इससे फेफड़े के कैंसर और गंभीर हृदय रोग हो सकते हैं। देर से शादी, बच्चों को स्तनपान न कराने से भी ब्रेस्ट कैंसर बढ़ रहे हैं।
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खाद्य पदार्थों में मिलावट भी है खतरनाक
धूम्रपान और गुटखा आदि के अलावा कैंसर होने की वजह खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट भी है। बदलते लाइफ स्टाइल से भी यह बीमारी बढ़ रही है। लाइफ स्टाइल बदलकर और मिलावट से बचकर भी इस पर कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। - डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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