बजाज शुगर मिल किनौनी की चिमिनियों से निकलने वाले जहरीले धुएं और रास्ते में दिनभर लगने वाले ट्रॉले के चलते त्रस्त ग्रामीणों की पंचायत रविवार को किनौनी गांव में हुई। जिसमें तय किया गया कि यदि मिल प्रबंधन और प्रशासन ने इस समस्या पर तत्काल ध्यान नहीं दिया तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर मिल के खिलाफ आंदोलन करेगी।
गांव किनौनी के प्रधान अमित गुर्जर एवं पथिक सेना के जिलाध्यक्ष उमेश जिटोला ने चीनी मिल से होने वाले प्रदूषण और जाम की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से लिखित शिकायत की। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इन समस्या को लेकर रविवार को किनौनी के प्रधान अमित गुर्जर के आवास पर क्षेत्र के गांव उकसिया, जिटोला, नांरगपुर, कैथवाड़ी, मिर्जापुर, रासना आदि गांवों के लोगों की पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में वक्ताओं में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयवीर त्यागी, हरिराज सिंह, अमरीश त्यागी, पथिक सेना के जिलाध्यक्ष उमेश गुर्जर आदि ने कहा कि चीनी मिल के पास पर्याप्त गन्ना यार्ड नहीं होने के कारण गन्ने से भरे वाहन रास्ते में खडे़ रहते हैं। आए दिन बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने एवं स्कूल में जाने वाले बच्चों के लिए जाम मुसीबत बना हुआ है। इसके अतिरिक्त मिल से निकलने वाला धुआं जहरीली हवा में परिवर्तित हो क्षेत्र के लोगों के लिए नासूर बना हुआ है। इसके अलावा समय पर किसानों को पर्चियां नहीं दी जा रही हैं। इससे किसानों की गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है। आरोप है कि प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। जिसे लेकर के क्षेत्र के लोगों ने रविवार को पंचायत करके प्रशासन एवं मिल प्रबंधन को चेतावनी दी। यदि समय रहते क्षेत्र के लोगों की समस्याओं में पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे मिल प्रंबधन और प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। पंचायत की अध्यक्षता पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयवीर त्यागी ने अध्यक्षता ने की और संचालन प्रवीण कुमार ने किया। इस दौरान अमित प्रधान, उदयवीर त्यागी, शिचरण, भजनलाल, शोभाराम, नितिन कुमार, सत्यप्रकाश राठी, शहजुद्दीन, हरिदत्त शर्मा, सचिन प्रधान, अमरीश त्यागी, सुखवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, शिवकुमार, ब्रजपाल, श्याम सिंह, धूम सिंह, धर्मवीर, मुकेश, रोहताश सोनू, सुंदर सिह आदि मौजूद थे।
उधर, बजाज शुगर मिल किनौनी के यूनिट हेड केपी सिंह का कहना है किसानों की समस्याओं के प्रति मिल प्रबंधन बेहद गंभीर है। कुछ लोग बेवजह बेबुनियाद आरोप लगाकर मिल प्रबंधन पर दबाव बनाना चाहते हैं। गन्ना समितियों के माध्यम से जारी की जा रही गन्ना पर्चियों पर समानुपातिक खरीद करके मिल पूरी क्षमता से गन्ना पेराई कर रही है। शिकायतकर्ताओं ने मिल में ठेका लेने के लिए कुछ दिन पूर्व मिल के गेट पर जमकर के फायरिंग की थी। पुलिस ने उन्हें बाद में जेल भेज दिया था। उसी रंजिश के चलते ऐसे आरोप लगाकर दबाव में लेने की साजिश रच रहे हैं।
मुख्य बातें
किनौनी शुगर मिल के खिलाफ क्षेत्र के ग्रामीण हुए एकजुट