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सुपरटेक के पास कूड़ा घर, जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़

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मेरठ। स्मार्ट सिटी की दौड़ में बुरी तरह मात खाने वाला नगर निगम अब शहर के लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने पर उतर आया है। शहर के अंदरूनी और बाहरी इलाकों को संवारने के बजाय जगह-जगह कूड़े के ढेर लगाकर दाग लगाने से बाज नहीं आ रहा है। निगम के कूड़ा गाड़ी चालकों ने तो बिजली बंबा बाईपास पर सुपरटेक के पास अस्थायी कूड़ा घर ही बना दिया है। जिससे शहर का आउटर एरिया और बाईपास का एंट्री प्वाइंट बदसूरत लगने लगा है। वहीं, सरस्वती लोक रोड के किनारे भी जगह-जगह कूड़ा डाला जा रहा है।
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शहर का जो कूड़ा प्राइवेट सफाई कर्मियों द्वारा घरों से उठाया जाता है, उसे नगर निगम की गाड़ी उठाकर डंपिंग ग्राउंड पर ले जाती हैं। इनमें कुछ कूड़ा वाहन चालक ऐसे भी हैं जो कामचोरी और डीजल बचाने के लिए शहर से सटी सड़कों और बाईपास के किनारे डालकर लौट जाते हैं। उनमें से खासतौर से सुपरटेक के निकट बाईपास और सरस्वती लोक मार्ग भी शामिल हैं। यहां पर एक-दो दिन से नहीं बल्कि एक साल से कूड़ा डाला जा रहा है। हाल यह है कि नगर निगम का कूड़ा ही नहीं बल्कि नवीन फल और सब्जी मंडी का कचरा भी गाड़ियों से लाकर सड़क किनारे डाला जा रहा है।
नगर निगम कर रहा पर्यावरण दूषित
मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ियों को हटाने के निर्देश न्यायालय ने दिए। लेकिन उसके बावजूद नगर निगम ने न तो यहां से कूड़ा हटवाया और न ही शहर के बाहर अधिकृत डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डलवाने की व्यवस्था की। इससे मंगतपुरम का आसपास का वातावरण जहरीला हो चुका है। वहीं, अब सुपरटेक ही नहीं बल्कि आसपास और बिजली बंबा बाईपास से गुजरने वाली जनता को जहरीली सांस बांटी जा रही है। यानी नगर निगम खुद ही पर्यावरण को दूषित करने का जिम्मेदार बन रहा है। जनता कब बीमारियों की चपेट में आ जाए, कुछ नहीं पता।
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यह मार्ग भी बदहाल
ऐसा ही हाल दिल्ली रोड से सरस्वती लोक कॉलोनी और साईंपुरम इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ जाने वाले मार्ग का है। यहां भी काफी समय से सड़क किनारे कूड़ा डाला जा रहा है। आसपास की कॉलोनियों के लोग दूषित हवा का सेवन करने को मजबूर हैं। सुपरटेक के अलावा यहां की कॉलोनियों के लोगों ने कई बार नगर निगम प्रशासन से शिकायत की। लेकिन कोई सुनने को तैयार ही नहीं है।
प्राथमिकता यही कि तुरंत कूड़ा हटवाएं
शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और नगर निगम प्रशासन की उदासीनता स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रही है। सुपरटेक पॉमग्रीन के आसपास लगे कूड़े के ढेर से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर तो विपरीत प्रभाव पड़ ही रहा है, बाहरी लोगों में भी शहर की सुंदरता को लेकर नकारात्मक छवि बन रही है। प्राथमिकता यही होनी चाहिए कि निगम प्रशासन वहां से तुरंत कूड़ा उठवाए और मना करने के बावजूद कूड़ा डालने वाले गाड़ी चालकों पर सख्त एक्शन लिया जाए। लेकिन हर बार की तरह चेतावनी देने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
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कमिश्नर के सामने रखेंगे पक्ष
हमारे पास गांवड़ी के अलावा कूड़ा डालने का कोई स्थान नहीं है। वहां गांव वाले कूड़ा डालने नहीं देते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए हम कमिश्नर के सामने पक्ष रखेंगे। ताकि गांव के लोगों के साथ बैठक करके बीच का रास्ता निकाला जा सके। जब तक डंपिंग ग्राउंड कूड़ा नहीं पहुंचेगा, कूड़ा निस्तारण नहीं होगा। यह समस्या बरकरार रहेगी। -डॉ. कुंवरसेन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
हम तो दो साल से सुन रहे
निगम के अधिकारी काम ही करना नहीं चाहते हैं। हम दो साल से सुन रहे हैं कि गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगेगा। बिजली बनेगी। पता नहीं कब बनेगा। शहर कूड़े से सड़ रहा है। सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगाए गए हैं। हम तो नगरायुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डीएम और कमिश्नर को पत्र लिख चुके हैं। पता नहीं सरकार ने ऐसा कौन सा आदेश किया है जिसके कारण अधिकारी जनता की समस्याओं का निस्तारण करना नहीं चाहते हैं। - सुनीता वर्मा, महापौर
नौकरी से निकाल देंगे
सभी कूड़ा गाड़ी चालकों को चेतावनी दी गयी है कि अगर सड़क किनारे कूड़ा डालता पकड़ा गया तो नौकरी से निकाल दिया जाएगा। -गजेंद्र कुमार, निगम वाहन डिपो प्रभारी दिल्ली रोड
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खास बातें:
- बिजली बंबा बाईपास का एंट्री प्वाइंट ही हुआ बदसूरत
- कूड़ा गाड़ी चालकों पर नकेल नहीं कस पा रहे निगम अफसर
- शिकायतों के बाद भी कूड़ा डलना नहीं हुआ बंद
- लोहियानगर के बजाय बाईपास पर ही डाल रहे हैं कूड़ा
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