मोमबत्ती से लगी मकान में आग, हादसा टला
मेरठ। लिसाड़ी गेट क्षेत्र की चमन कालोनी में बच्चे घर में जलती मोमबत्ती छोड़कर सो गए। जिससे मकान में आग लग गई। संयोग रहा कि बच्चे छत पर सो रहे थे वरना बड़ा हादसा हो सकता था। कालोनी वासियों ने आग पर काबू पाया।
चमन कालोनी में दो बहनें शगुफ्ता और आसमां अपने भाई उम्रदराज और जैद के साथ रहती हैं। शगुफ्ता की एक 10 साल की बेटी भी है। दोनों के पति की मौत हो चुकी हैं। वह मकान में ही छोटी सी परचून की दुकान भी चलाते है। परिजनों के अनुसार उम्रदराज कई दिन से बीमार है। बुधवार रात दोनों बहनें बीमार भाई के पास अस्पताल चली गई। घर में जैद (12) और बुशरा (10) घर पर अकेले थे।
रात को बिजली जाने पर दोनों बच्चों ने दुकान में मोमबत्ती जला ली थी, लेकिन दुकान बंद करते वक्त वे उसे बुझाना भूल गए और दोनों छत पर जाकर सो गए। देर रात मोमबत्ती से आग लग गई। आसपास के लोगों ने आग की लपटें उठती देख शोर मचाया। इस बीच दोनों बच्चों की नींद भी खुल गई। वे भी छत से चीखने लगे। कालोनी वासियों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग से दुकान और मकान का फ्रि ज, सहित काफी सामान जल गया। लोगों का कहना था कि यदि बच्चे छत की बजाय नीचे ही सो जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मुसीबत में है परिवार
परिवार पर एक के बाद आफत टूट रही है। दोनों बहनों के पति की मौत हो चुकी है। जैसे-तैसे बहनें घर में ही सिलाई बुनाई करती हैं। घर में ही परचून की दुकान चलाकर किसी तरह परिवार का पेट पालती हैं। अब भाई उमदराज कई दिन से बीमार हैं, उसके इलाज पर खर्च हो रहा है। कालोनी वासियों का भी कहना था कि वे परिवार की हर संभव मदद करेंगे।
खास बातें:
- रात को मोमबत्ती जली छोड़ छत पर जाकर सो गए बच्चे
- लिसाड़ी गेट की चमन कालोनी में हुआ हादसा