दिगंबर जैन संत आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज संग 80 पिच्छियों का विशाल संतों का संघ पैदल विहार करते हुए सुबह के समय कड़कड़ाती सर्दी और कोहरे के बीच हस्तिनापुर नगर के मुहाने पर स्थित मवाना पहुंचे। जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जैन संतों का भव्य स्वागत किया। मंगल विहार बड़ा महादेव मंदिर से बैंडबाजों के साथ भव्य जुलूस के रूप में जैन मंदिर पहुंचा।
अनेक वर्षों तक बुंदेलखंड की धरा को अपनी चरण रज से पवित्र करने वाले दिगंबर जैन संत आचार्य श्री 108 विराग सागर महाराज एवं संघ के कदम जैसे ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढे़, सभी स्थानों के जैन समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई। अनेक स्थानों को अपनी चरण रज से पवित्र करते हुए आचार्य श्री ससंघ हस्तिनापुर की ओर बढ़ चले। धर्मनगरी मवाना के श्रद्धालुओं के असीम पुण्योदय गुरुवर का शनिवार को मंगल आगमन मवाना नगर में हुआ।
गुरुवर के मंगल आगमन के समाचार से जैन समाज के श्रद्धालु उनकी आगवानी को उमड़ पडे़। जब संपूर्ण भारत भयंकर ठंड की चपेट में है। ऐसी शीत ऋतु में भी दिगंबर संत, सिंह की तरह विहार करते हैं। गुरुवर मंगल आगमन के पावन अवसर पर नगर के पंचरंगे जैन ध्वज, बैनरों और रंगोली द्वारा सजाया गया। विभिन्न स्थानों पर जैन प्रतिष्ठानों पर पाद प्रक्षालन एवं आरती की गई। समस्त जैन समाज मवाना, सभी जैन महिला मंडल, सभी बाल मंडल, भारतीय जैन महासंघ, स्थानक जैन सभा व अन्य, सभी जैन मंडलों ने भरपूर सहयोग प्रदान किया। भव्य मंगल प्रवेश की इस पावन बेला में नगर पालिका चेयरमैन अयूब कालिया रिलायंस पेट्रोल पंप से जैन मंदिर तक साथ रहे।
कृष्णा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रांगण में गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। महामुनिराज श्री 108 विराग सागर जी को इस सदी का महानायक कहा जाता है। जिन्होंने 130 दीक्षार्थी को दीक्षा देकर मुनिराज बनाया और 150-200 माताओं को दीक्षा देकर आर्यिका माताएं बनाई हैं। इस विशाल संघ के वरिष्ठ साधु देश के अलग-अलग प्रांत देश में जाकर धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। इसी दिशा में महामुनिराज श्री 108 विराग सागर जी अपने संघ के साथ दौराला से यात्रा करते हुए शुक्रवार सायं अपना मंगल प्रवेश कृष्णा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूश्ंास, बना में किया। पुखराज जी ने महामुनिराज को गुलदस्ता भेंट किया और उनके साथ सभी मुनिराज और आर्यिका माताओं के रात्रि में ठहरने का प्रबंध भी किया।
आदर्श सागर महाराज का देवलोक गमन
मवाना। आहार के पश्चात संघस्थ विश्व आदर्श सागर क्षुल्लक जी महाराज का देवलोक गमन हो गया। जिनका डोला हस्तिनापुर स्थित जैन तपोवन ले जाया गया। समाधि महोत्सव में अनेक स्थानों के श्रद्धालु सम्मिलित हुए। देवलोक गमन किए महाराज की उम्र 80 वर्ष थी। इन्होंने 2 नवंबर 17 में दिल्ली में दीक्षा ली थी। ये सहारनपुर निवासी थे।