कैंट में लैंड पॉलिसी में बदलाव पर बोर्ड में मंथन
मेरठ। देश की 62 छावनी परिषदों के उपाध्यक्षों और उनसे संबंधित सांसदों की चार मई को दिल्ली में रक्षा मंत्री के साथ कांफ्रेंस होगी। इसमें कैंट एक्ट और लैंड पॉलिसी में बदलाव को लेकर चर्चा होनी है। इसको लेकर कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधना की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक का आयोजन किया गया।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा बुलाई गई इस कांफ्रेंस में सभी प्रतिनिधियों द्वारा छावनी क्षेत्रों में संशोधन को लेकर विचार रखे जाएंगे। रक्षा मंत्री को सिविलियन को होने वाली समस्याओं के बारे में अवगत कराया जाएगा। इनमें नक्शे पास न होना, सब डिवीजन, चेंज ऑफ परपज म्यूटेशन और लैंड पॉलिसी के मामले हैं। इसको लेकर मंगलवार को आशियाना गेस्ट हाउस में कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा ने बोर्ड सदस्यों के साथ मंथन किया।
उपाध्यक्ष ने कहा कि अवैध निर्माणों की कंपाउंडिंग का अधिकार बोर्ड को होना चाहिए। सब डिवीजन और चेंज ऑफ परपज के मामलों के निस्तारण का अधिकार भी कैंट बोर्ड अधिकारियों को मिलना चाहिए। कैंट क्षेत्र की संपत्ति पर लोगों को बैंक से लोन मिलना चाहिए। इससे जमीन की वैल्यू भी बढ़ेगी। ओल्ड ग्रांट के बंगले लीज पर दिए जाएं। मीटिंग में बोर्ड सदस्य बुशरा कमाल, रिनी जैन, विपिन सोढ़ी,, नीरज राठौर, धर्मेंद्र सोनकर मौजूद रहे। मीटिंग में तय हुआ कि तीन मई की शाम चार बजे होटल डीरोज में बोर्ड के पूर्व सदस्यों, व्यापारियों आदि के साथ कांफ्रेंस की जाएगी। इसमें आए विचारों को उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री के सामने रखेंगी।
खास बातें:
4 मई को रक्षा मंत्री के साथ होनी है छावनी उपाध्यक्षों और सांसदों की बैठक