मेरठ। विकास भवन में बुधवार को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें कई विभागों के अधिकारियों और गंगा किनारे बसे गांवों के प्रधानों ने गंगा को पूरी तरह से साफ करने का संकल्प लिया। लोगों को इस अभियान से जोड़ने की शपथ ली।
वन विभाग की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम को वर्ल्ड फॉरेस्ट डे के रूप में मनाया गया। गंगा किनारे बसे गांवों के प्रधानों से कहा गया कि गंगा को स्वच्छ रखने के लिए सबसे बड़ी भूमिका लोगों की है। ऐसे में जन जागरूकता फैलाएं कि गंगा हमारी जीवन दायिनी है। गंगा में गंदगी फैलाने से लोगों को रोकने के साथ ही इसे निर्मल बनाने के लिए अपने विचार भी दें। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा किनारे बसे गांवों में हर्बल गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। इसके लिए पूरी तैयारी हो गई है। चार गांवों में जुलाई माह में 36 हजार पौधे रोपे जाएंगे। इन गार्डन को संवारने की जिम्मेदारी ग्राम सभा के साथ ही स्कूलों को भी दी जाएगी। डीएफओ ने कहा कि स्कूली बच्चों को भी गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक करें। इस दौरान कई विभागों की तरफ से अब तक की कार्य योजना भी रखी गई।
वक्ताओं ने कहा कि कि गंगा को निर्मल बनाने के लिए जहां विभागों को मशक्कत करनी होगी वहीं समाज के सभी लोगों को इस तरफ जागरूक करना होगा। इस मौके पर कस्तूरबा गांधी के बच्चों ने गंगा पर एक सुंदर नाटिका पेश की। इस मौके पर डीएफओ अदिति शर्मा, सीडीओ आर्यका अखौरी, एडीएम एसपी पटेल, डीपीआरओ आलोक शर्मा, डब्लूडब्लूूएफ संजीव यादव, एक्सईएन पीडब्लूडी प्रताप सिंह, पर्यावरणविद् मधु वत्स आदि मौजूद रहे।