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समाजवाद की अलख जगाकर फूंकी जाएगी पार्टी में नई जान

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भाजपा से मुकाबले में होगा समाजवाद का झंडा बुलंद
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अरीश रिजवी
मेरठ। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में जीत के बाद अब समाजवादी पार्टी भाजपा की तर्ज पर युवाओं को पार्टी से जोड़ने की तरफ बढ़ रही है। पार्टी में फिर से जान फूंकने के लिए समाजवाद का झंडा बुलंद करने की रणनीति है। इसके तहत जहां जिले में चिंतन शिविरों और पार्टी दफ्तर में लाइब्रेरी के माध्यम से नौजवानों को राम मनोहर लोहिया और मधु लिमये जैसे समाजवादी चिंतकों की विचारधारा से जोड़ने की कवायद है।
सपा का पूरा जोर 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए मजबूती से तैयारी करने पर है। पार्टी में अनुशासन बनाने की कोशिशों के साथ इसकी शुरुआत भी की जा चुकी है। इसके लिए सपा की जिला और महानगर की कार्यकारिणी प्रकोष्ठ में दागियों को जगह नहीं देने का फैसला किया जा चुका है। साथ ही पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल न रहने वाले नेता भी पद से दूर ही रखे जाएंगे।
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पूरा जोर नौजवानों पर
सपा हाईकमान का मानना है कि नौजवान जितना ज्यादा पार्टी से जुड़ेंगे, उतना ही पार्टी को मजबूती मिलेगी। इसके लिए नौजवानों को समाजवादी चिंतकों के जीवन के बारे में जानकारी कराना बेहद अहम होगा। इसके लिए जगह-जगह कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में समाजवादी पार्टी का इतिहास बताया जाएगा। साथ ही पार्टी कैसे बढ़ी, इस पर भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
पार्टी कार्यालय पर लाइब्रेरी
सपा जिला कार्यालय में लाइब्र्रेरी खोलने की भी तैयारी है। सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि लाइब्रेरी के बारे में हाईकमान को अवगत करा दिया गया है। इस लाइब्रेरी में समाजवाद का पाठ पढ़ाने वाली किताबें होंगी। जल्द ही नौजवानों को यहां यह सुविधा मिलेगी।
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यही बेहतर विचारधारा
सपा जिलाध्यक्ष का मानना है कि समाजवादी विचारधारा सबसे बेहतर है। जिससे युवाओं को रूबरू कराना जरूरी है। इससे नए और बेहतर समाज का निर्माण होगा। सपा मुखिया से इस संबंध में बात की गई है। जल्द ही तय होगा कि कहां और कब इस तरह के चिंतन शिविर लगाए जाएंगे।

खास बातें:
समाजवादी पार्टी ने बनाई लोकसभा 2019 चुनाव के लिए रणनीति
युवाओं को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए लगेंगे चिंतन शिविर
सपा दफ्तर में बनेगी लाइब्रेरी, राममनोहर लोहिया मधु लिमये की होंगी किताबें
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