‘युवाओं की जगह जेल में नहीं, देश सेवा में’
मेरठ। हमारे देश के युवाओं की जगह जेल में नहीं, बल्कि देश सेवा में होनी चाहिए। हजारों बेकसूर युवा जेलों में बंद हैं। संघ उनके लिए जेलों में प्रचार करता है, ताकि उनका मन अपराध की तरफ न भटके और ऐसे युवा देश सेवा के लिए काम करें। युवाओं को गर्व होना चाहिए कि वे भारत देश के हिंदू हैं। जिस पर विदेशी लोग भी चर्चा करते हैं। यह बातें राष्ट्रोदय के मंच पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने कहीं।
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भगवत के मंच पर पहुंचने पर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक मामले और अन्य मुकदमों में काफी बेकसूर युवा जेलों में बंद हैं। उनकी जरूरत देश की सेवा में होनी चाहिए। हमारे युवा ही हमारी शान हैं। कुछ लोग जान बूझकर हम लोगों में फूट डालना चाहते हैं। उनका मकसद है कि फूट डालो और राज करो। लेकिन हमें ऐसा नहीं होने देना है।
युवा और आध्यात्मिक शक्ति का जाएगा संदेश
महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने मंच से देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया। कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रोदय के कार्यक्रम में युवा और आध्यात्मिक शक्ति एकत्र हुई है, वह एक संदेश है। जो यहां से पूरे देश में जाएगा।
हिंदू से उदार तो कोई नहीं
महामंडलेश्वर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जीवन संकट में है। पूरे विश्व में कल्याणकारी जीवन शैली की तलाश की जा रही है। वैज्ञानिकों ने भी हिंदू जीवन शैली को ही श्रेष्ठ माना है। विश्व पटल पर अहिंसा पर भी चर्चा हुई है। इसमें हिंदू को ही चुना गया है, जो दूसरों को अच्छा न लगता हो, वह हिंदू नहीं करता है। दूसरों को पीड़ा पहुंचाना ही पाप है। हिंदू से अधिक उदार कोई और नहीं हो सकता। हमारे देश में विभिन्न जातियों के लोग रहते हैं। जातियां हमारा सौंदर्य हैं। हम हिंदू हैं और एक हैं। हमें भारत माता को परम वैभव पर लेकर जाना है।
विदेश में हमारे युवाओं की चर्चा
अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने युवाओं को संदेश दिया कि देश सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। विदेश में हमारे युवाओं की चर्चाएं होती हैं। बेकसूर लोगों की मदद करनी चाहिए। कुछ लोग बेवजह सजा काट रहे है। पुलिस को न्याय कराने में सहयोग करना चाहिए। केवल भारत में हिंदू को मुक्ति मिलती है। गर्व के साथ एकजुट होकर देश सेवा करो।
गीदड़ नहीं, शेर बनकर जियो
अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने आह्वान किया कि गीदड़ नहीं शेर बनकर जियो। यह मत सोचो कि कुछ जीवन मिला और वह खत्म हो जाएगा। यह काम तो विदेशों पर छोड़ दो। यह सोचकर जियो कि जितने दिन जीना है, शान से जीना है। हमारी पूर्वजों की पहचान को हमेशा कायम रखना है। हमें गलत नहीं करना है। हमने दूसरों के लिए क्या किया, बस यह सोचना है।
खास बातें
- महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा अवधेशानंद गिरि महाराज ने दिया मंच से संदेश
- कहा कि युवा ही हमारी शान, कुछ लोग फूट डालना चाहते हैं हम लोगों में