व्यापार संघ में रार शुरू, गौरव शर्मा की इस्तीफे की पेशकश
मेरठ। संयुक्त व्यापार संघ में अब रार शुरू हो गई है। शुक्रवार को जहां उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ने संघ के निष्क्रिय होने का आरोप लगाया था, तो शनिवार को संघ के मंत्री गौरव शर्मा ने भाजपा के दबाव में संघ पदाधिकारियों के निष्क्रिय होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की पेशकश कर दी।
गौरव शर्मा ने शनिवार को संघ अध्यक्ष और महामंत्री को पत्र जारी करते हुए कहा कि संयुक्त व्यापार संघ जिले की 696 व्यापारिक संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है। वह लगातार दूसरी बार मंत्री निर्वाचित होकर आए हैं। पिछले कार्यकाल में व्यापारियों के हितों के लिए जमकर संघर्ष किया। लेकिन इस बार संघ पूरी तरह निष्क्रिय है और व्यापारियों का लगातार उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ में 16 पदाधिकारी निर्वाचित होकर आए थे, जिनमें इस समय 14 सत्ताधारी पार्टी में पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं। ऐसे में सभी व्यापारी हितों की लड़ाई के रास्ते से भटक चुके हैं।
गौरव शर्मा ने कहा कि वह व्यापारियों के बीच उनके हितों की लड़ाई लड़ने के उद्देश्य से आये हैं। हमारा नारा था ‘कौम पार्टी कोई भी हो, पहले हम व्यापारी हैं’, लेकिन आज संगठन इस नारे से पूरी तरह भटक गया है। ऐसे में मैं संघ के मंत्री पद से त्याग पत्र देना चाहता हूं, लेकिन व्यापारी हितों की लड़ाई लड़ता रहूंगा।
गौरव शर्मा का यह आरोप कि 14 पदाधिकारी भाजपा के हैं, यह गलत है। हम दबाव में नहीं हैं, बल्कि व्यस्तता के कारण क्रियाशील नहीं हो पाए। गौरव शर्मा ने इस्तीफे की पेशकश की है। उनसे बात की जाएगी और संगठन को भी सक्रिय किया जाएगा। नवीन गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
खास बात
संघ पदाधिकारियों पर लगाया भाजपा के दबाव में निष्क्रिय होने का आरोप