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अफसर

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मेरठ। शहर की सड़कें टूटी पड़ी हैं। जनता परेशान है। लेकिन इन सड़कों की जिम्मेदारी लेने के बजाय नगर निगम, पीडब्लूडी और एमडीए के अधिकारी एक-दूसरे पाले में गेंद डाल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की इस खींचतान से जहां जनता परेशान है, तो सरकार की छवि पर भी धब्बा लग रहा है।
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शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अमर उजाला प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर सिस्टम की नींद तोड़ने का प्रयास कर रहा है। लगातार अभियान चलने पर नगर निगम प्रशासन की तो कुछ स्तर पर नींद टूटी। लेकिन लोकनिर्माण विभाग और मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी अभी भी टूटी सड़कों को लेकर गंभीर नहीं हुए हैं। कारण भले ही जो हो लेकिन शहर की कई सड़कें इन हालात में पहुंच चुकी हैं कि उन पर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है। उस पर हादसे होने का अंदेशा भी लगातार बना हुआ है।
इन सड़कों का कौन जिम्मेदार
- महानगर की दो ऐसी सड़कें हैं जिन पर रोजाना वाहनों का अधिक दबाव रहता है। उसके बाद भी नगर निगम, पीडब्लूडी और एमडीए यह स्पष्ट करने को तैयार नहीं हैं कि ये उनके अधिकार क्षेत्र की सड़क हैं।
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01. दिल्ली रोड से जुड़ा सरस्वती लोक मार्ग, जो नूर नगर होते हुए बिजली बंबा बाईपास को जोड़ता है। इस मार्ग को टूटे हुए छह माह से अधिक समय हो गया है। सड़क में इतने गहरे गड्ढे हैं कि रोजाना लोग चोटिल होते रहते हैं और किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना रहता है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया तो नगर निगम ने सड़क को एमडीए की बताया। वहीं, एमडीए प्रशासन बार-बार इस सड़क को गड्ढा मुक्त करने की जिम्मेदारी नगर निगम की बताता चला आ रहा है। दोनों विभागों की आपसी खींचतान में जनता परेशान है।
02. ओडियन नाला मार्ग की हालत बद से बदतर है। मेट्रो प्लाजा चौराहा से भूमिया पुल तक सड़क गड्ढों में तब्दील है। थाना ब्रह्मपुरी के सामने तो सड़क पैदल चलने योग्य भी नहीं है। ऊपर से यहां काफी गंदगी रहती है। पुलिस की सहमति से इस मार्ग पर दिन में भी नो एंट्री में भारी वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग नगर निगम ने पीडब्लूडी के खाते में डाला हुआ है। लेकिन पीडब्लूडी प्रशासन इस मार्ग को अपना मानने को ही तैयार नहीं है। नगर निगम ने केवल घंटाघर से रेलवे रोड चौराहा तक मार्ग को गड्ढा मुक्त कराने की बात कही है।
आमने-सामने
एमडीए और पीडब्लूडी जिम्मेदार
नगर निगम के चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय के अनुसार नूरनगर मार्ग एमडीए का है। एमडीए ने ही पूर्व में सड़क का निर्माण कराया। इस सड़क को गडढ़ा मुक्त करने के लिए एमडीए को पत्र लिखा जा चुका है। रही बात ओडियन नाला पटरी मार्ग की। इस मार्ग पर जून माह में भी पीडब्लूडी ने पेंचवर्क का कार्य कराया था। अब भी वही कराएंगे।
अभी जानकारी नहीं
पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता प्रताप सिंह के अनुसार ओडियन नाला पटरी पीडब्लूडी की है या नहीं। इसकी हमें जानकारी नहीं है। अगर हमारी है तो हम उसको बनवाने का काम करेंगे। मुझे मेरठ आए अभी कम समय हुआ है।
देखेंगे किसका है क्षेत्र
एमडीए के उपाध्यक्ष सीताराम यादव का कहना है कि अभी बारिश का मौसम चल रहा है। इसके निपटते ही सड़कों का गड्ढा मुक्त अभियान शुरू कर दिया जाएगा। नूरनगर मार्ग देखेंगे कि किसके क्षेत्र में आता है।
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