मेरठ। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने भले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यूपी को शराब मुक्त करने को कहा हो। लेकिन प्रदेश शराब मुक्त नहीं किया जाएगा। यह बात प्रदेश के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने बुधवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि सपा और बसपा के राज में आबकारी नीति को कुछ उद्योगपतियों के लिए बनाकर लुटवाया गया। विशेष जोन बनाकर पश्चिमी यूपी को एक व्यवसायी को सौंप दिया गया। लेकिन योगी सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2018-19 को इस नीति को खत्म कर नई नीति लागू करेगी। इससे पहले राजनाथ सरकार ने पुरानी नीति को बदलकर लाटरी सिस्टम नीति लागू की थी। नई नीति भी कुछ-कुछ इससे मिलती जुलती होगी। लेकिन इसमें थोड़ा संशोधन किया जाएगा।
एमआरपी पर सवाल
मैक्सीमम रिटेल प्राइस (एमआरपी) से अधिक रेट पर शराब बेचने और उसकी रसीद नहीं देने के सवाल पर जेपी सिंह ने कहा कि उन्हें एमआरपी से ज्यादा रेट वसूले जाने की शिकायत मिली हैं। यह पूरी तरह उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। इसे नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही शराब की दुकान से भी शराब की रसीद देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंत्री बोले इसकी जांच होगी
पिछले वित्तीय वर्ष की देशी मदिरा बिक्री कर आबकारी अधिकारियों व ठेका मालिकों द्वारा राजस्व को चूना लगाने के सवाल पर आबकारी मंत्री ने कहा कि ये गंभीर मामला है जो उनके संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे से 8500 ठेके हटाए गए हैं। इसमें से 6500 ठेकों का पुनर्स्थापन किया गया है। 2 हजार ने लाइसेंस सरेंडर कर दिया है।
संविधान में कर रहे संशोधन
शराब माफिया के पकड़े जाने के बाद छूटते ही फिर से धंधा करने के सवाल पर आबकारी मंत्री ने कहा कि वर्ष 1910 के आबकारी कानून में संशोधन कराया जा रहा है। इसे न्याय विभाग के पास भेजा गया है। कानून सख्त होने पर पकड़ा गया माफिया जल्द नहीं छूट सकेगा। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा और आलोक सिसौदिया मौजूद रहे।
संदीप पहल ने सौंपा शिकायती पत्र
सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल एडवोकेट ने आबकारी मंत्री को आबकारी अधिकारियों के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि गत वित्तीय वर्ष की पुरानी देशी मदिरा को वर्तमान वित्तीय वर्ष में नहीं बेचे जाने के आदेश के बाद भी मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर और बरेली मंडल में पुरानी मदिरा को ठेको से बिकवाकर अधिकारी व ठेका मालिकों ने दो महीने में ही सरकार को 2 हजार करोड़ से भी ज्यादा का राजस्व चूना लगाया है। पिछले आठ साल में 50 हजार करोड़ का चूना लगाया जा चुका है। उनकी सच संस्था सदस्यों नेे कई ठेकों पर छापा मारकर पुरानी शराब की पेटियां पकड़ीं और अधिकारियों को इसकी सूचना दी। लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मंत्री ने उनकी शिकायत की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
खास बात :
- सर्किट हाउस में मीडिया से बोले आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह
- कहा, वर्ष 2018 में लागू होगी नई आबकारी नीति, वर्तमान नीति होगी बंद
- एमआरपी से अधिक रेट पर नहीं बेच सकेंगे शराब, देनी होगी रसीद